देवघर के बाबा मंदिर में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़ | देवघर के बाबा मंदिर में रिबना भक्तों का जनसैलाब: सुबह चार बजे खुला मंदिर का द्वार, साल के पहले दिन 2 किमी लंबी लाइन – देवघर समाचार

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देवघर के बाबा मंदिर में बालाजी भक्तों की जनसैलाब

नववर्ष के पहले दिन रविवार को द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ मंदिर में अराध्य की पूजा स्थल। बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा- आराधना करने के लिए शेष देर रात क़तारबंद होने लगे थे। प्रातः 4 बजे बाबा का मंदिर खुला। इसके बाद स्थानीय तीर्थ पुरोहित

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दोखंडों की टुकड़ी

विश्वासी की क़तर 2 किमी दूर तक फ़ोटो रही। नववर्ष में बाबा बैद्यनाथ मंदिर में आध्यक्ष की भीड़ जिले के विशाल सागर बाबा बैद्यनाथ मंदिर क्षेत्र को लेकर जाती है। विधि- व्यवस्था एवं संस्थागत होटल का निरीक्षण किया गया।

वहीं प्रतिनियुक्त पेनाल्टी और पुलिस मजिस्ट्रेट को दिशा-निर्देश की आवश्यकता है। डीसी ने कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर सभी प्रकार के स्टेशनों का निरीक्षण किया। बाबा मंदिर व आस-पास के इलाकों में आसानी से जलाए जाने वाले द्रोण को लेकर स्मारक का भी प्रबंध किया गया।

तिवारी चौक से आम भक्तों की कतार

यहां प्रशासन जिले की ओर से आम भक्तों की कतार के अनुसार व्यवस्था की स्थापना की गई है, तिवारी चौक से संचालित किया जा रहा है। यहां से क्यू कंपलेक्स परिसर तक पूरे रास्ते में बैरिकेडिंग की गई है ताकि दूरी में किसी तरह की परेशानी न हो। वहीं क्यूम्पलेक्स के सभी छह हॉल में भी बैरिकेडिंग के लिए क्वॉर्टर का उपयोग किया जाता है। किसी भी प्रकार की अलौकिक घटना नहीं होती इसके लिए जगह-जगह पुलिस अधिकारी दंड अधिकारियों की ड्यूटी लगाती है। वहीं अन्यत्र कैमरे भी लगाए गए हैं।

600 रूआजा पूजा दर्शन

खास दिन होने की वजह से पूजन के लिए प्रति व्यक्ति के हिसाब से 300 की जगह 600 रुपये का सिम शुल्क आज लिया जा रहा है। सिमुल लेने वाले भक्तों को नाथ बाबा से लाइन में लगाया जा रहा है। यह कोटा नाथ बाबा मंदिर के पीछे वाली गली में स्थित पाठक मंदिर के बरामदे पर बने कोटा प्वाइंट से मंदिर भवन और फिर भव्य भवन नाला प्वाइंट के बाद ओवरब्रिज से ही जंक्शन स्थित मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश के लिए जा रहा है है.

अध्यापन की सुविधा का पूरा ध्यान

हजरत ने बाबा मंदिर के मित्रों को मुक्त बनाए रखने के निर्देश अधिकारियों और पुलिस को दिए, ताकि बाबा मंदिर के मित्रों को कोई छूट न मिले। साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर बनाए रखी गई है, मंदिर में पॉलिथीन और थर्मोकॉल की जगह दोना, पित्तल, मिट्टी, बांस के डलिया के उपयोग के अलावा मंदिर के संपर्क पथों को स्थापित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

नववर्ष पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में स्तिथ आस्था की भीड़ का अनुमान जिला प्रशासन द्वारा पहले से ही पूरी तरह से लगा दिया गया था। ताकि विद्यार्थियों की क़तर अधिक दूर तक न जाए और विद्यार्थियों को बड़े पैमाने पर अध्ययन का सामना न करना पड़े। मंदिर एवं जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि बाबा मंदिर आये भक्तों को हरसंभव सुविधा प्रदान की जाये।

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