सिंदरी गुरुद्वारा साहिब में गुरु नानक देव जी का 556वां प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया गया, श्रद्धा और रोशनी से निखरी संगत
धनबाद (DHANBAD): प्रथम सिख गुरु और सार्वभौमिक भाईचारे के संदेशवाहक गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व पर रविवार (कार्तिक पूर्णिमा) को सिंदरी गुरुद्वारा साहिब में दिनभर भक्ति, सेवा और कीर्तन की दिव्य छटा बिखरी रही। न सिर्फ सिख समाज, बल्कि अन्य समुदायों के लोग भी बड़ी संख्या में गुरुद्वारे पहुंचकर गुरु नानक साहिब के उपदेशों को नमन करने आए।
इस पावन अवसर पर पिछले 48 घंटों से चल रहे अखंड पाठ का मंगल समापन किया गया। गुरुद्वारा भवन को विशेष रूप से ताजे फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और सजावटी कलाकृतियों से सजाया गया था, जिससे पूरा परिसर उत्सवमय दिखाई दे रहा था। गुरु नानक देव जी का सजा हुआ दरबार संगत के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ था।
सुबह से उमड़ी संगत, नतमस्तक हुए श्रद्धालु
भोर होते ही संगत की आवाजाही बढ़ने लगी। श्रद्धालु परिवारों सहित गुरुद्वारा साहिब पहुँचते गए और गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। वातावरण में शांति, भक्ति और गुरु प्रेम का अनोखा संगम महसूस हो रहा था।
भक्ति कीर्तन दरबार ने बांधा सभी का मन
धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक भक्ति कीर्तन का शानदार आयोजन हुआ। जमशेदपुर से पधारे भाई मनप्रीत सिंह जत्थे ने गुरु नानक देव जी की पावन वाणी और शबद-कीर्तन के माध्यम से संगत को अध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की। कीर्तन की मधुर धुनों में डूबकर भक्तों ने गुरु नानक साहिब के ‘एक ओंकार’, भाईचारे और सेवा के संदेश को आत्मसात किया।
इसके बाद गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी सरदार बलवीर सिंह ने सबों के कल्याण, शांति और समृद्धि के लिए अरदास की तथा गुरुओं की वाणी से जुड़े प्रेरक संदेशों को संगत तक पहुँचाया।
संगत ने ग्रहण किया गुरु का परंपरागत लंगर
सुबह के समागम के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए सुखदायी और पवित्र गुरु का लंगर परोसा गया। सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु लंगर पंडाल में पहुंचे और सेवा भाव से बनाए गए भोजन को ग्रहण किया। सेवादार लगातार तत्परता से भोजन और पानी परोसते रहे।
शाम के समागम में रहेरास साहिब और कीर्तन से गूंजी दिव्यता
शाम 6:15 बजे रहेरास साहिब का पाठ और आरती के साथ सांध्य समागम आरंभ हुआ। इसके बाद सजी कीर्तन दरबार में भजनों और शबदों के माध्यम से भक्तों ने गुरु नानक देव जी के जीवन-उपदेशों को याद किया।
रात 8:15 बजे अरदास के उपरांत भव्य आतिशबाजी ने परिसर को रोशनी से नहला दिया। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए बेहद मनमोहक और यादगार रहा।
सुखासन के साथ सम्पन्न हुआ दिवसीय आयोजन
रात्रि 9:15 बजे गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप को सिर पर सम्मानपूर्वक धारण करते हुए सरदार मोहन सिंह ने सुखासन में ले जाया। इस दौरान संगत ने फूल-वर्षा कर गुरु के प्रति अपनी असीम आस्था और श्रद्धा प्रकट की। इसके उपरांत फिर से लंगर वितरण का दौर शुरू हुआ, जिसे रात तक संगत ने प्रेमपूर्वक ग्रहण किया।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी पहुंचे श्रद्धा जताने
सुबह के कार्यक्रम में सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो और बीआईटी निदेशक पंकज राय पहुंचे। वहीं शाम के समागम में सिंदरी अनुमंडल पदाधिकारी आशुतोष कुमार सत्यम और भाजपा नेत्री तारा देवी ने गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर राष्ट्र व समाज की शांति की कामना की। गुरुद्वारा कमेटी ने सभी अतिथियों को सरोपा देकर सम्मानित किया।
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और सेवादारों की सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में गुरुद्वारा प्रधान जसप्रीत सिंह रैनो सहित डॉक्टर स्मृति नागी, प्रेम सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह, लखजीत सिंह, हरदीप सिंह, कुलबीर सिंह, मोहम्मद सिंह, मनजीत सिंह उप्पल, विंकी उप्पल, जगदीश्वर सिंह और कई अन्य सेवादारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिला संगत में जसपाल कौर, मनजीत कौर, दविंदर कौर, रीत कौर, हरदैव कौर, सर्वजीत कौर सहित कई श्रद्धालुओं ने सेवा-भाव से योगदान दिया।