रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को युवाओं से क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि नेताजी के योगदान का नए दृष्टिकोण से पुनर्मूल्यांकन किया जाए। भारतीय शिक्षण मंडल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि “कुछ लोग इसे इतिहास का पुनर्लेखन कह रहे हैं, लेकिन मैं इसे पाठ्यक्रम सुधार मानता हूँ।” श्री सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि आज नेताजी को अविभाजित भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में देखने की भी चर्चा हो रही है।
झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति के संस्थापक श्री बेंगू ठाकुर ने इस बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह बंगालियों के लिए गर्व का विषय है और केंद्र सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए संबंधित विधेयक पारित करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सशक्त और यथार्थपरक इतिहास तैयार किया जा सके।
कुसुम न्यूज़ रिपोर्ट