धनबाद, 20 मार्च 2025 – शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) के आर्थोपेडिक विभाग में गुरुवार को जमकर हंगामा और मारपीट हुई। मरीज और मेडिकल स्टाफ के बीच हुए विवाद के कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा गार्डों को मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा।
अन्य दिनों की अपेक्षा गुरुवार को आर्थोपेडिक विभाग में मरीजों की संख्या अधिक थी। इसी दौरान झरिया निवासी मीना देवी, उनके बेटे और मेडिकल स्टाफ फिरदौस के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। विवाद बढ़ने से ओपीडी में मौजूद अन्य मरीजों को भी काफी परेशानी हुई।
मीना देवी का कहना है कि उन्हें पैर की एड़ी में दर्द था, जिसके लिए उन्होंने डॉक्टर से परामर्श लिया था। डॉक्टर ने उन्हें खून जांच कराने को कहा था। जब वह रिपोर्ट दिखाने के लिए दोबारा पहुंचीं, तो आर्थोपेडिक विभाग की महिला मेडिकल स्टाफ ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया।वहीं, मेडिकल स्टाफ फिरदौस ने बताया कि ओपीडी में मरीजों की भीड़ अधिक थी और मीना देवी काफी देर बाद आई थीं। जब उन्हें लाइन में लगने के लिए कहा गया, तो उन्होंने गुस्से में आकर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। काफी देर बाद जब दरवाजा खुला, तो उनके साथ मारपीट की गई।
मीना देवी के बेटे राजेश का आरोप है कि उनकी मां के साथ अस्पताल की महिला मेडिकल स्टाफ ने हाथापाई की। वहीं, अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों को अलग किया।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। SNMMCH में आए दिन इस तरह के विवाद सामने आते रहते हैं, जिससे मरीजों और स्टाफ के बीच समन्वय की कमी उजागर होती है।


