हाजीपुर – 02.11.202
पूर्व मध्य रेल, मुख्यालय/हाजीपुर द्वारा क्षेत्रीय रेल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 88वीं बैठक श्री डिम्पी गर्ग, महाप्रबंधक की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री गर्ग ने कहा कि इस रेल पर महाप्रबंधक का कार्य संभालने के बाद यह उनकी पहली बैठक है,इससे मुझे खुशी का अनुभव हो रहा है । उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि पूर्व मध्यक रेल ‘क’ क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहाँ अधिकांश कार्य हिंदी में ही होता है फिर भी राजभाषा से संबंधित अनुदेशों का अनुपालन दृढ़तापूर्वक किए जाने की आवश्यकता है. यदि अधिकारीगण छोटे-छोटे आदेश/टिप्पणी हिंदी में लिखें तो हिंदी के प्रयोग-प्रसार की दिशा में एक सकारात्मक माहौल बनेगा और इससे अधीनस्थ कर्मचारी भी हिंदी में कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे. उन्होंने कहा की सभी अपना दैनिक कामकाज हिंदी में करें. सरल और सहज शब्दों का प्रयोग करें, क्योंकि भाषा प्राथमिक रूप से अभिव्यक्ति और संवाद का माध्यम है. एक टीम के रूप में कार्य करते हुए हम यह सुनिश्चित करें कि धारा 3 (3) समेत राजभाषा के सभी मानक निर्देशों का अनुपालन कड़ाई से किया जाए तभी बैठक की सार्थकता सिद्ध होगी.
इस अवसर पर राजभाषा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए परिचालन विभाग को महाप्रबंधक द्वारा अंतर्विभागीय राजभाषा चल शील्ड प्रदान किया गया. इसे इन्दुरानी दुबे, प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक ने प्राप्त किया. महाप्रबंधक महोदय द्वारा “वैशाली” पत्रिका के अंक-31 का लोकार्पण किया गया. उल्लेखनीय है कि यह बैठक सितंबर-2026 को समाप्त तिमाही की समीक्षा करने के लिए आयोजित की गई थी. राजभाषा प्रयोग-प्रसार के इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पूर्व मध्य रेल के मंडलों, कारखानों आदि के उच्च अधिकारी उपस्थित थे, उन्होंने अपने विभागों, मंडलों आदि में राजभाषा के प्रचार-प्रसार की स्थिति के संबंध में समिति को अवगत कराया.
श्रीमती सविता गेडाम, मुख्य राजभाषा अधिकारी सह प्रधान मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर ने कहा कि पूर्व मध्य रेल ‘क’ क्षेत्र में स्थित है. इसलिए यहाँ अधिकांश कार्य स्वाभाविक रूप से हिंदी में ही होना चाहिए. आवश्यकता है दृढ़ इच्छाशक्ति की. ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं जहाँ और अधिक प्रयास करके हिंदी के प्रयोग-प्रसार को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है. हमारा दायित्व है कि संघ की राजभाषा नीति के अनुरूप सभी कामकाज शत-प्रतिशत हिंदी में किए जाएं.
बैठक का संचालन करते हुए उप महाप्रबंधक (राजभाषा) श्री केशव त्रिपाठी ने कहा कि राजभाषा का प्रचार-प्रसार आपसी सहयोग से ही संभव हो सकता है. मुख्य राजभाषा अधिकारी महोदय के मार्गदर्शन और महाप्रबंधक महोदय के संरक्षण में राजभाषा विभाग हिंदी के प्रयोग-प्रसार को गति प्रदान करने हेतु निरंतर प्रयासरत है. बैठक के अंत में धन्यवाद ज्ञापन श्री अनिल कुमार शर्मा, राजभाषा अधिकारी द्वारा दिया गया.