पेरियार जयंती पर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष का संकल्प

Share This News

धनबाद:आरके नगर, नावाडीह स्थित अलकारी देवी अस्पताल के समीप समाज सुधारक ईवी रामास्वामी नायकर ‘पेरियार’ की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजीव रंजन बौद्ध सारथी ने की। उन्होंने पेरियार के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उपस्थित लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।
समारोह में कई दर्जन लोगों ने भाग लिया। वक्ताओं ने पेरियार के सामाजिक सुधार आंदोलनों और उनके विचारों पर चर्चा करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पेरियार दक्षिण भारत के प्रमुख समाज सुधारकों में रहे। उन्होंने बाल विवाह, छुआछूत, विधवा विवाह और सामाजिक भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ आंदोलनों के माध्यम से समाज में बदलाव का प्रयास किया। उनका आत्मसम्मान आंदोलन विशेष रूप से चर्चित रहा, जिसका तमिलनाडु के सामाजिक जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा।
वक्ताओं ने कहा कि पेरियार लोगों को तर्क और विवेक के आधार पर जीवन जीने के लिए प्रेरित करते थे। उनका संदेश था कि किसी बात को स्वीकार करने से पहले उसे जानना और समझना चाहिए। समारोह में उत्तर भारत में भी पेरियार के विचारों को पढ़ने, समझने और सामाजिक जीवन में लागू करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में राजीव रंजन बौद्ध सारथी, नंदकिशोर सिंह, संतोष कुमार आनंद, डॉ. ओम सुधा, गोपाल यादव, पुष्प लता, अशोक कुमार साहू, शिवकुमार पंडित, नवल किशोर प्रसाद, एसबी कुमार, तुलसी महतो, बबलू दास, नेहरू हेंब्रम, संजय कुमार दास, कमलदेव यादव, एसएन सिंह, महेश यादव, संजय कुमार प्रसाद, मदन प्रसाद नायक, रणधीर कुमार, अशोक कुमार, मिथिलेश प्रसाद सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
समाज को रूढ़िवादी विचारों से मुक्त करने पर जोर अध्यक्षीय संबोधन में राजीव रंजन बौद्ध सारथी ने पेरियार के जीवन और उनके विभिन्न सामाजिक आंदोलनों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि पेरियार के विचारों से प्रेरणा लेकर समाज को रूढ़िवादी सोच और सामाजिक कुरीतियों से मुक्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है।इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने 19 सितंबर 2026 को विभिन्न संगठनों की ओर से आयोजित ‘संविधान बचाओ, यूजीसी को लागू करो’ कार्यक्रम के तहत जिला परिषद धनबाद से प्रस्तावित पैदल मार्च में परिवार और मित्रों के साथ शामिल होने का संकल्प लिया। आंदोलन के लिए आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Leave a comment