वर्ल्ड कप स्क्वाड से बाहर होने पर छलका लिटन दास का दर्द, चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 खत्म हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन बांग्लादेश के टूर्नामेंट से बाहर रहने का मुद्दा अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब टीम के कप्तान लिटन दास ने इस पूरे घटनाक्रम पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि टूर्नामेंट में हिस्सा न लेने का फैसला खिलाड़ियों की सोच से पूरी तरह मेल नहीं खाता था।

हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार में लिटन ने बताया कि इस विषय पर खिलाड़ियों और क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई थी। हालांकि उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि अंतिम निर्णय पहले से तय था और खिलाड़ियों की राय का प्रभाव सीमित रहा।

सुरक्षा मुद्दे पर जताई असहमति

लिटन दास ने भारत में सुरक्षा को लेकर उठाई गई चिंताओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी क्रिकेटर पहले भी कई ऐसे देशों में खेल चुके हैं जहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण रही है। ऐसे में खिलाड़ियों के लिए किसी बड़े टूर्नामेंट में भाग लेना हमेशा प्राथमिकता रही है।

उनके अनुसार, खिलाड़ियों का मुख्य उद्देश्य मैदान पर उतरकर देश का प्रतिनिधित्व करना होता है और अधिकांश खिलाड़ी वर्ल्ड कप में खेलने के इच्छुक थे।

खिलाड़ियों की इच्छा कुछ और थी

बांग्लादेश कप्तान ने कहा कि टीम को सुरक्षा संबंधी सभी जानकारियां दी गई थीं, लेकिन ज्यादातर खिलाड़ी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के पक्ष में थे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बाद में यह धारणा बनाई गई कि खिलाड़ी स्वयं भाग नहीं लेना चाहते थे, जबकि टीम के अंदर की स्थिति इससे अलग थी।

लिटन ने यह भी कहा कि कई बार किसी मुद्दे पर लोगों की राय और बयान उनकी भूमिका या पद के अनुसार बदल जाते हैं। उनके इस बयान को पूरे विवाद पर एक अहम प्रतिक्रिया माना जा रहा है।

स्कॉटलैंड को मिला था स्थान

आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 की मेजबानी भारत और श्रीलंका ने संयुक्त रूप से की थी। बांग्लादेश के हटने के बाद टूर्नामेंट में उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया था, जिससे क्रिकेट जगत में काफी चर्चा हुई थी।

बहस फिर हुई तेज

लिटन दास के हालिया बयान के बाद यह सवाल फिर उठने लगा है कि राष्ट्रीय टीमों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में खिलाड़ियों की राय को कितनी प्राथमिकता मिलनी चाहिए। क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग मत देखने को मिल रहे हैं, जबकि बांग्लादेश के कई समर्थक अब भी मानते हैं कि टीम को विश्व कप में भाग लेना चाहिए था।

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