झारखंड के अन्य जिलों की तरह धनबाद में भी नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन सुबह-सुबह शराब प्रेमियों को मायूसी का सामना करना पड़ा। जिले की अधिकतर शराब दुकानें और बार बंद रहे, जिससे ग्राहकों में असमंजस की स्थिति बन गई।
दुकानें बंद रहने का मुख्य कारण लाइसेंस का समय पर नवीनीकरण नहीं होना था। जैसे ही उत्पाद विभाग में लाइसेंसधारियों की भीड़ जुटी, नवीनीकरण की प्रक्रिया तेज हुई और धीरे-धीरे दुकानें खुलनी शुरू हो गईं। इस दौरान कुछ घंटों तक जिले के 130 दुकानों में लगभग दुकानें बंद दिखी नवीनीकरण के लिए पहुंचे लाइसेंस धारी भी इधर-उधर भटकते नजर आए और परेशान दिखे वहीं सहायक उत्पाद आयुक्त अजय गौड ने बताया कि नए वित्तीय वर्ष में लाइसेंस नवीनीकरण के साथ 10 प्रतिशत का टारगेट बढ़ाया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में फरवरी तक विभाग ने 113 प्रतिशत राजस्व लक्ष्य हासिल किया है। जिन चार ग्रुप की 10 से अधिक दुकानें अभी नवीनीकरण से वंचित हैं, उन्हें भी जल्द शुरू करने की दिशा में पहल की जा रही है।