Breaking News

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की पहल से जनजातीय छात्रों में दिखा आत्मविश्वास, समापन दिवस पर सीख का प्रदर्शन

Share This News

धनबाद: 19 मार्च,आईआईटी आईएसएम धनबाद द्वारा संचालित बेसिक और एडवांस्ड आईटी एवं कंप्यूटर स्किल्स प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन दिवस पर जनजातीय छात्रों ने अपने सीखने के परिणामों का प्रभावी प्रदर्शन किया। समापन दिवस पर आयोजित प्रायोगिक सत्रों और मूल्यांकन गतिविधियों के दौरान छात्रों ने डिजिटल टूल्स, डेटा एनालिसिस और पाइथन प्रोग्रामिंग में अपनी समझ और कौशल का आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया, जो कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है।

यह कार्यक्रम जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत संचालित किया गया, जिसका उद्देश्य जनजातीय छात्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। इस पहल का नेतृत्व प्रो. रश्मि सिंह,ऑपरेशंस एवं एनालिटिक्स और प्रो. निलाद्रि दास,फाइनेंस द्वारा किया गया, जो आईआईटी आईएसएम धनबाद के प्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग से जुड़े हैं।

18–19 मार्च 2026 को आयोजित इस प्रशिक्षण के तहत ईएमआरएस तमार (रांची) और ईएमआरएस कुजरा (लोहरदगा) के कक्षा 10, 11 और 12 के छात्रों ने भाग लिया। समापन दिवस पर विशेष रूप से मिड-सेमेस्टर प्रैक्टिकल मूल्यांकन, हैंड्स-ऑन एक्सरसाइज और इंटरैक्टिव लर्निंग सेशंस आयोजित किए गए, जिनमें छात्रों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई।

प्रशिक्षण में शामिल विषयों जैसे एमएस ऑफिस, एडवांस्ड स्प्रेडशीट्स और पाइथन प्रोग्रामिंग ने छात्रों में न केवल तकनीकी दक्षता विकसित की, बल्कि उन्हें डेटा आधारित सोच, विश्लेषण क्षमता और समस्या समाधान कौशल भी प्रदान किया। कार्यक्रम का फोकस केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहकर उसके व्यावहारिक उपयोग पर रहा, जिससे छात्रों को वास्तविक जीवन में इन कौशलों के उपयोग की समझ मिली।

यह पहल आईआईटी आईएसएम धनबाद की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत संस्थान समावेशी शिक्षा, डिजिटल सशक्तिकरण और रोजगार उन्मुख कौशल विकास को बढ़ावा दे रहा है। यह कार्यक्रम एक प्रभावी और स्केलेबल मॉडल के रूप में उभर रहा है, जो देश के जनजातीय युवाओं को आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Leave a comment