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नए भारत की बेटियों का कमाल! वुमेंस वर्ल्ड कप में रचा इतिहास, रन चेज का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड”

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने वुमेंस वर्ल्ड कप 2025 का इतिहास पलटकर रख दिया है। लंबे समय से विश्व क्रिकेट पर दबदबा बनाए रखने वाली सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम को सेमीफाइनल में मात देकर भारतीय बेटियों ने दिखा दिया है कि नया भारत अब किसी भी चुनौती से पीछे हटने वाला नहीं है। लगभग आठ साल बाद ऑस्ट्रेलिया को विश्व कप में हार का स्वाद चखना पड़ा, और वह भी ऐसे मुकाबले में जिसमें भारत ने रिकॉर्ड तोड़ रन चेज करके दुनिया को हैरान कर दिया।

अब तक वुमेंस वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैचों में 250 से अधिक का लक्ष्य कोई भी टीम हासिल नहीं कर सकी थी, लेकिन भारतीय टीम ने सारे आंकड़े पीछे छोड़ते हुए 339 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य पार करके इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ यह भी तय हो गया कि इस बार महिला क्रिकेट को एक नया विश्व चैंपियन मिलने वाला है, क्योंकि फाइनल में पहुंच चुकी भारत और साउथ अफ्रीका—दोनों ही टीमों ने आज तक वुमेंस वनडे वर्ल्ड कप नहीं जीता है। भारत तीसरी बार फाइनल में पहुंचा है, जबकि पहली दो बार खिताब उससे दूर रह गया था।

महिलाओं के वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी यह अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। इससे पहले इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया ने 331 रनों का लक्ष्य भारत के खिलाफ हासिल कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था, जिसे अब भारतीय टीम ने पीछे छोड़ दिया है। श्रीलंका भी 300+ रन का सफल पीछा करने वाली टीमों में शामिल है। भारतीय टीम ने अपने क्रिकेट इतिहास में पहली बार किसी मैच की दूसरी पारी में इतने रन जुटाए हैं।


सेमीफाइनल मुकाबले की नई शैली में व्याख्या

टॉस जीतते ही ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलिसा हीली ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। ओपनिंग से लेकर मिड्ल ऑर्डर तक कंगारू बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी पर हमला करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। फोएबे लिचफील्ड ने 119 रन की लंबी पारी खेली, वहीं एलिस पैरी (77) और एश्ली गार्डनर (63) ने तेज़तर्रार बल्लेबाजी की। सभी विकेट खोने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया 338 रन का बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने दो-दो विकेट लेकर पारी की रफ्तार पर लगाम लगाने की कोशिश की।

लेकिन 339 रनों का पीछा करते हुए भारतीय टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। शुरुआती दो विकेट 60 रन से पहले ही गिर गए थे। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स ने मिलकर मैच की दिशा बदल दी। दोनों ने 150 रन से अधिक की साझेदारी की, जिसने ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर धकेल दिया। हरमनप्रीत 89 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन जेमिमा ने 127 रन की अविजित पारी खेलते हुए टीम को जीत की दहलीज पर पहुंचाया।

अंतिम ओवरों में दीप्ति शर्मा (17 गेंद, 24 रन), ऋचा घोष (16 गेंद, 26 रन) और अमनजोत कौर (8 गेंद, 15* रन) ने तेजी से रन बनाकर दबाव कम किया और भारत को जीत दिला दी। भारत ने 49वें ओवर की तीसरी गेंद पर ही 5 विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया और विश्व कप के इतिहास में सबसे यादगार रन चेज़ को अंजाम दिया।

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