एलआईसी कार्यालयों में एक घंटे की हड़ताल, एआईआईईए को मान्यता देने और भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग

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धनबाद, 20 फरवरी 2025: ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉइज एसोसिएशन (एआईआईईए) के आह्वान पर गुरुवार को पूरे देश में एलआईसी कार्यालयों में एक घंटे की हड़ताल की गई। धनबाद जिले के सभी एलआईसी कार्यालयों में दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक कार्य बहिष्कार किया गया। इस हड़ताल के माध्यम से नयी बहाली और एआईआईईए को मान्यता देने की मांग उठाई गई।

वक्ताओं ने कहा कि एलआईसी में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की भारी कमी है। 31 मार्च 2017 को इन कर्मचारियों की संख्या 57,441 थी, जो 31 मार्च 2024 तक घटकर 45,762 रह गई। वर्ष 2020 में अधिसूचित 8,000 तृतीय श्रेणी पदों में से 2,700 से अधिक पद अब तक नहीं भरे जा सके। वहीं, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की भर्ती की जगह कई स्थानों पर आउटसोर्सिंग की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

कर्मचारियों ने कहा कि एलआईसी प्रबंधन पिछले पांच वर्षों से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दे रहा है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अगले कुछ वर्षों में कई कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के कारण यह समस्या और गंभीर हो जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि एलआईसी की मजबूती और ग्राहकों की बढ़ती अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए तत्काल भर्ती की आवश्यकता है।

कर्मचारियों ने एआईआईईए को मान्यता देने की मांग को लेकर भी विरोध दर्ज किया। उन्होंने कहा कि एलआईसी में संगठित कर्मचारियों की सबसे बड़ी संख्या एआईआईईए के साथ है, लेकिन फिर भी इसे मान्यता नहीं दी गई। यह निर्णय औद्योगिक लोकतंत्र और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के कन्वेंशन 87 और 98 के उल्लंघन के समान है। वक्ताओं ने कहा कि एलआईसी सार्वजनिक क्षेत्र का एकमात्र वित्तीय संस्थान है, जहां अब तक मान्यता प्राप्त यूनियन नहीं है।

हेमंत मिश्रा ने कहा कि हम प्रबंधन से मांग करते हैं कि एआईआईईए को तुरंत मान्यता दी जाए और तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि आज की हड़ताल पूरी तरह सफल रही और कर्मचारियों ने इसमें भारी संख्या में भाग लिया।

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