जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के न्यास परिषद की बैठक में

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खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए 2,536 नई योजनाओं के अनुमोदन का प्रस्ताव

विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में जनप्रतिनिधि करें सहयोग, 6 माह में दिखेंगे परिणाम – उपायुक्त

हर पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र और आंगनबाड़ी भवन का लक्ष्य

सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तर्ज पर जिले के 140 विद्यालय होंगे विकसित

सदर अस्पताल के आधुनिकीकरण, आँगनबाड़ी भवनों के निर्माण व विद्यालयों के कायाकल्प को उच्च प्राथमिकता

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय स्थित बहुउद्देशीय प्रशिक्षण केंद्र में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के न्यास परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के सामाजिक व आर्थिक उत्थान, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन पूरी पारदर्शिता और गति के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। बताया कि जनहित में माननीय सांसद, माननीय विधायक और माननीय मुखिया द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों और योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं और तकनीकी समीक्षा के कारण कुछ योजनाओं में थोड़ा समय लगता है, लेकिन आने वाले 3 से 6 महीनों के भीतर ज्यादातर योजनाएं धरातल पर स्पष्ट रूप से नजर आने लगेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो योजनाएं सरकारी गाइडलाइंस के अनुकूल होंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा।

उपायुक्त ने जिले के समग्र विकास का प्लान प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक स्वास्थ्य उपकेंद्र क्रियाशील हो। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का अपना सुविधायुक्त भवन हो। ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ की तर्ज पर धनबाद के 140 विद्यालयों को विकसित किया जा रहा है, जबकि जहां पूरे राज्य में पहले चरण में 80 विद्यालय लिए गए थे, वहीं धनबाद में पहले ही 140 विद्यालयों की स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ कराया जा चुका है।

उपायुक्त ने कार्यपालक एजेंसियों और फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए जनप्रतिनिधियों से सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि अक्सर जमीन संबंधी विवादों या स्थानीय अड़चनों के कारण निर्माण कार्य रुक जाता है या देरी होती है। विकास की गति को दोगुना करने के लिए फील्ड स्तर पर सभी का समन्वय आवश्यक है।

उपायुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि यदि किसी योजना या निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी पाई जाती है, तो जनप्रतिनिधि तुरंत सूचित करें। प्रशासन किसी भी शिकायत पर 2 से 3 दिनों के भीतर जांच दल भेजकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। प्रशासन की मंशा पूरी तरह साफ है और जिले का चौमुखी विकास ही मुख्य उद्देश्य है। बैठक के अंत में उपायुक्त ने नए सभागार में आयोजित इस पहली महत्वपूर्ण बैठक में सम्मिलित होने और सकारात्मक सुझाव देने के लिए सभी माननीय जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

वहीं उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज ने कहा कि माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसित 2,536 नई योजनाओं के अनुमोदन का प्रस्ताव रखा गया है। इन योजनाओं में डीएमएफटी मार्गदर्शिका के अनुरूप पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला एवं बाल कल्याण, कौशल विकास आदि जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए 70% और सड़क, ऊर्जा, भौतिक आधारभूत संरचना आदि के लिए 30% का संतुलन बनाए रखते हुए समग्र विकास की रूपरेखा तैयार की गई है।

उन्होंने बताया कि शिक्षा प्रक्षेत्र का कायाकल्प करते हुए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (सीएम एसओई) और पीएम-श्री की तर्ज पर जिले के 391 चयनित सरकारी विद्यालयों के संपूर्ण नवीनीकरण की योजना पर कार्य जारी है। 87 विद्यालयों में आधुनिक फर्नीचर, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, पुस्तकालय एवं खेल सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है तथा 413 अन्य विद्यालयों में यह प्रस्तावित है। 1,558 सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को स्वच्छता और सम्मानजनक ढंग से मध्याह्न भोजन परोसने के लिए थाली एवं गिलास का वितरण किया गया है। जबकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यालय रूपांतरण के उद्देश्य से 8 प्रखंडों के 2,863 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। बताया कि बालिका मध्य विद्यालय (बलियापुर) के नए भवन निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति, जर्जर मध्य विद्यालय बरवा पश्चिम (गोविंदपुर) के नए 8 कमरों वाले परिसर का निर्माण तथा पिछले 10 वर्षों से भवन विहीन राज +2 उच्च विद्यालय (झरिया) के लिए भूमि चिह्नित कर नए भवन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

डीएमएफटी मद से स्वास्थ्य प्रक्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धनबाद के सदर अस्पताल में ओपीडी पंजीकरण प्रणाली का पूर्ण आधुनिकीकरण किया गया है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए अलग काउंटर तथा सखी हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। अस्पताल में आधुनिक आई-ओटी की स्थापना के बाद से अब तक 415 से अधिक मरीजों का निःशुल्क सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन संपन्न कराया गया है। पहली बार ऑर्थोपेडिक सर्जरी की सुविधा भी प्रारंभ हुई है। अस्पताल में 12-बेड क्षमता वाला अत्याधुनिक ‘मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट’ (एमएनसीयू) और 14 बेड क्षमता वाला मॉडल कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी) संचालित किया जा रहा है, जहाँ गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों का विशेषज्ञ इलाज हो रहा है। इसके अलावा तोपचाँची में आधुनिक डायलिसिस यूनिट की स्थापना से स्थानीय ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही जीवनरक्षक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही, ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ ‘सहिया दीदियों’ को सहिया किट एवं उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 2 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। जिसमें पाया कि 5000 बच्चों में कमियां है। ऐसे 1600 बच्चों का इलाज कराया गया।

उप विकास आयुक्त ने बताया कि डीएमएफटी मद से आँगनबाड़ी केंद्रों का सशक्तिकरण एवं मॉडल रूपांतरण भी किया गया है। इसके तहत जिले के आँगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक 82.5% केंद्रों को स्वयं के पक्के भवन में संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बाघमारा में 113, झरिया में 79, धनबाद में 75, निरसा में 65, सिंदरी में 59 एवं टुंडी में 28 सहित 419 नए आँगनबाड़ी भवनों के निर्माण की योजना पर तीव्र गति से कार्य जारी है। सभी सक्षम केंद्रों को बाल-अनुकूल बनाते हुए ‘मॉडल आँगनबाड़ी सह प्री-नर्सरी स्कूल’ के रूप में विकसित किया जा रहा है और शुद्ध पेयजल, शौचालय व विद्युत संयोजन से आच्छादित किया जा रहा है। जबकि 201 आंगनबाड़ी केंद्रों को नया भवन बनाकर दिया है।

उन्होंने बताया कि निर्बाध पेयजल एवं वृहद जल संरक्षण के लिए खनन प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए अब तक 7,901 ट्यूबवेलों का नियमित अनुरक्षण, 2,405 रॉटर राइजर पाइप, 97 उच्च क्षमता ट्यूबवेल तथा 566 विशेष मरम्मती कार्य पूर्ण किए गए हैं। वहीं महुदा बस्ती, पंचेत, मैथन, तेलमच्चो एवं नॉर्थ ज़ोन जलापूर्ति योजनाओं के सुदृढ़ीकरण से लाखों की आबादी को पाइप जलापूर्ति से जोड़ा जा रहा है। गिरते भूजल स्तर के सुधार और सिंचाई के लिए 793 तालाब योजनाओं में से 205 को स्वीकृति देकर जीर्णोद्धार का कार्य तेज गति से कराया जा रहा है। जबकि 588 तालाब प्रक्रियाधीन है।

बाघमारा के दमली/इमली तालाब, तोपचाँची के मोर्हदिह बांध, गोविंदपुर के बड़ा नवाटांड़ व टुंडी के कृषक पाठशाला तालाब का जीर्णोद्धार कर जल-संवर्धन सुनिश्चित किया गया है। जबकि तोपचाँची के नेरो पंचायत में 150 फीट गहरी खदान की खाई से सोलर-आधारित लिफ्ट सिंचाई परियोजना शुरू की जा रही है, जिससे 40 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।

आजीविका, महिला सुरक्षा एवं भौतिक संरचना पर उप विकास आयुक्त ने कहा कि स्थानीय किसानों और छोटे व्यापारियों की आय बढ़ाने के लिए बलियापुर, निरसा, तोपचाँची, राजगंज, मुराईडीह एवं फुलवारीटांड में आधुनिक ग्रामीण हाट-बाजार विकसित किए जा रहे हैं। पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे चिकित्सा, कानूनी, पुलिस व परामर्श सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आमाघाटा (गोविंदपुर) में ‘वन स्टॉप सेंटर (सखी केंद्र)’ का निर्माण कराया जा रहा है। बलियापुर के प्रधानखंता, बीबीएम कॉलेज एवं गोविंदपुर के आरएस मोड़ कॉलेज में आधुनिक ‘स्मार्ट लाइब्रेरी’ का निर्माण प्रगति पर है।

उन्होंने कहा कि तोपचाँची में बाढ़ से ध्वस्त जामुनटांड पुल का पुनर्निर्माण और लोहपिट्टी पंचायत में लगभग 2,000 ग्रामीणों की आवाजाही को सुगम बनाने वाली पक्की पीसीसी सड़क योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है।

बैठक में माननीय विधायक टुंडी श्री मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि जिला प्रशासन ने सभी पंचायत भवनों का जीर्णोद्धार करके नई पहचान दिलाई है। सभी मुखिया इसका सदुपयोग करें। उन्होंने ब्राह्मणडीह-खरियो पथ की मरम्मत करने, बरवाअड्डा-टुंडी रोड में पोखरिया के पास सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गार्ड वॉल बनाने, ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने का अनुरोध किया।

माननीय विधायक धनबाद श्री राज सिन्हा ने सेंट्रल लाइब्रेरी को स्मार्ट लाइब्रेरी बनाने, दामोदरपुर में नगर वन विकसित करने, कपालघाट श्मशान में सुविधाएं बढ़ाने एवं नगर निगम की योजनाओं को धरातल पर उतारने का अनुरोध किया।

माननीय विधायक निरसा श्री अरूप चटर्जी ने डीएमएफटी मद से आवास योजना को बढ़ावा देने, हर प्रखंड में वृहद ट्रेनिंग सेंटर बनाने, छोटी-छोटी नाली निर्माण के स्थान पर समग्र रूप से अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम बनाने, पीएचईडी के कार्यों में जिले के संवेदकों को प्राथमिकता देने, तोपचांची, मैथन एवं पंचेत में इको टूरिज्म पार्क विकसित करने तथा मोबाइल हेल्थ केयर एंबुलेंस प्रदान करने का अनुरोध किया।

माननीय विधायक सिंदरी श्री चंद्रदेव महतो ने गोविंदपुर स्थित लाइब्रेरी में कंप्यूटर एवं किताब प्रदान करने, चांदवा स्कूल को तैयार किए गए नए परिसर में शिफ्ट करने, पांडे बरवा स्कूल को एनएच के दूसरी ओर शिफ्ट नहीं करने का अनुरोध किया। बैठक के दौरान माननीय मुखियाओं ने भी अपने-अपने सुझाव साझा किए।

बैठक में माननीय विधायक टुंडी श्री मथुरा प्रसाद महतो, माननीय विधायक धनबाद श्री राज सिन्हा, माननीय विधायक निरसा श्री अरूप चटर्जी, माननीय विधायक सिंदरी श्री चंद्रदेव महतो, उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज, वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री विकास पालीवाल, सिटी एसपी श्री ऋत्विक श्रीवास्तव, निदेशक डीआरडीबी श्री राजीव रंजन, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी मुखिया के अलावा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे।

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