Breaking News

स्वच्छता पखवाड़ा–2026 के अंतर्गतपूर्व मध्य रेल में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर संगोष्ठी आयोजित

Share This News

हाजीपुर-09.10.2026

स्वच्छता पखवाड़ा–2026 के अवसर पर आज पूर्व मध्य रेल, हाजीपुर के महाप्रबंधक कार्यालय स्थित सम्मेलन कक्ष में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य रेलवे परिसरों में स्वच्छता को बढ़ावा देना, ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करना तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कचरे के उचित पृथक्करण, पुनर्चक्रण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर, श्री अतुल प्रियदर्शी,पूर्व मध्य रेल, हाजीपुर के स्वागत भाषण से हुआ जिसमें उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की अनिवार्यता तथा इसके विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।

कार्यक्रम में पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री डिम्पी गर्ग सहित वरिष्ठ रेल अधिकारी, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CIPET) के विशेषज्ञ तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर महाप्रबंधक श्री डिम्पी गर्ग ने अपने मुख्य संबोधन में कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल सफाई तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है।उन्होंने कहा कि भारतीय रेल प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराती है। ऐसे में रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों, कार्यालयों, कार्यशालाओं एवं रेलवे कॉलोनियों में उत्पन्न होने वाले कचरे का उचित प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है।

महाप्रबंधक ने कचरे के स्रोत पर पृथक्करण, अपशिष्ट उत्पादन में कमी, पुनः उपयोग तथा पुनर्चक्रण पर विशेष बल दिया।उन्होंने कहा कि कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए उसके उत्पादन से लेकर संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं अंतिम निस्तारण तक प्रत्येक स्तर पर उचित व्यवस्था आवश्यक है।

उन्होंने सभी विभागों एवं रेलकर्मियों से स्वच्छता को अपनी दैनिक कार्यप्रणाली का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक रेलकर्मी, संवेदक, सेवा प्रदाता एवं यात्री की सामूहिक जिम्मेदारी है।
 
महाप्रबंधक ने रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में प्लास्टिक कचरे को नियंत्रित करने, यात्रियों को निर्धारित कूड़ेदानों के उपयोग के लिए प्रेरित करने तथा पर्यावरण के अनुकूल व्यवहार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।उन्होंने कहा कि स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान किए जाने वाले प्रयास केवल अभियान तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इन्हें निरंतर व्यवहार में शामिल किया जाना चाहिए।

विशेषज्ञों ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं प्लास्टिक पुनर्चक्रण पर दी जानकारी देते हुए संगोष्ठी के दौरान बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक श्री नलिनी मोहन सिंह ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों पर प्रस्तुति दी। उन्होंने इस विषय से संबंधित नियामकीय पहलुओं एवं कचरे के उचित प्रबंधन के महत्व पर जानकारी साझा की।

इसके पश्चात CIPET के तकनीकी अधिकारी श्री अनुपम ने प्लास्टिक अपशिष्ट पुनर्चक्रण एवं प्रबंधन विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने प्लास्टिक कचरे के उचित संग्रहण, पृथक्करण तथा पुनर्चक्रण की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

IIT पटना के प्रोफेसर डॉ. महावीर सिंह ने ‘विनिर्माण प्रक्रिया के दौरान पीएम पदार्थ उत्सर्जन और इसके निवारण के उपाय’ विषय पर प्रस्तुति देते जागरूक किया।

स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल रेलवे की दिशा में सामूहिक प्रयास के मद्देनजर संगोष्ठी में इस बात पर जोर दिया गया कि रेलवे परिसरों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी, उचित कचरा प्रबंधन व्यवस्था, कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी तथा यात्रियों में जागरूकता आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। संगोष्ठी का समापन स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता के संदेश के साथ हुआ।

Leave a comment