दुर्गापूजा से पहले शत-प्रतिशत भुगतान की मांग, बिना मीटर रीडिंग बिल जारी करने पर रोक लगाने की भी मांग
धनबाद : झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ ने ऊर्जा मित्रों के बकाया वेतन भुगतान समेत बिजली बिलिंग में कथित अनियमितताओं को लेकर महाप्रबंधक, मुख्य अभियंता विद्युत आपूर्ति क्षेत्र धनबाद एवं विद्युत अधीक्षण अभियंता, विद्युत आपूर्ति अंचल धनबाद को ज्ञापन सौंपा। संघ ने मांग की कि बिलिंग एजेंसी फ्यूजन सीएक्स प्राइवेट लिमिटेड के पास लंबित ऊर्जा मित्रों के चार से पांच माह के बकाया वेतन का भुगतान दुर्गापूजा से पहले शत-प्रतिशत कराया जाए।
संघ ने कहा कि महापर्व दुर्गापूजा शुरू होने वाली है। ऐसे में लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण ऊर्जा मित्र आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। संघ ने विभाग से तत्काल पहल कर बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की, ताकि ऊर्जा मित्रों का त्योहार फीका न पड़े।
ज्ञापन में कहा गया कि विभाग द्वारा ऊर्जा साथियों के माध्यम से बिजली विपत्र निर्गत करने का कार्य कराया गया था। इसके एवज में प्रत्येक बिजली विपत्र पर 10 रुपये भुगतान किया जाना था, लेकिन कार्य पूरा करने के बावजूद अब तक राशि का भुगतान नहीं किया गया है। संघ ने इस राशि का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की।
संघ ने बिलिंग एजेंसी पर बिना मीटर रीडिंग किए सिस्टम के माध्यम से गलत बिजली बिल जारी करने का आरोप लगाया। कहा गया कि इसके कारण उपभोक्ताओं और ऊर्जा मित्रों के बीच आए दिन विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है और कई बार बहस एवं मारपीट तक की नौबत आ जाती है। संघ ने बिना मीटर रीडिंग के सिस्टम से बिल जारी करने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
कई ऊर्जा मित्रों का 8 से 12 माह से भुगतान लंबित
संघ ने ज्ञापन में बताया कि कई ऊर्जा मित्रों का आठ से 12 माह तक का भुगतान बिलिंग एजेंसी के पास लंबित है। इनमें प्रकाश आचार्य, अमरदीप गोस्वामी, बिसमिल्लाह महबूब, सुरेश कुमार, अजीत कुमार सिंह, राहुल कुमार, दिनेश कुमार महतो, मुहम्मद मुस्ताक अंसारी, प्रमोद सिंह, राज साव, विवेक रंजन, बादल महतो, उत्तम प्रमाणिक, गुलाप मंडल, कमल किशोर मंडल, राजू कुमार रविदास, मनोज कुमार, विश्वजीत गोराई, अरविंद कुमार सिंह, बिनोद ठाकुर, बापी कर, अनिल ठाकुर, कमल कुमार शर्मा, रॉकी कुमार, सचिन कुमार और रोहित शर्मा समेत अन्य ऊर्जा मित्र शामिल हैं।
उपभोक्ताओं से अवैध वसूली का आरोप
संघ ने आरआईपीएल एजेंसी के कर्मचारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में कहा गया कि डाटा एंट्री एवं लोड सर्वे के नाम पर कुछ कर्मचारियों द्वारा बिजली उपभोक्ताओं से कथित रूप से आर्थिक दोहन किया जा रहा है। साथ ही पदनाम एवं कार्य से संबंधित गलत जानकारी देकर राशि की उगाही किए जाने की शिकायत भी की गई है।
संघ ने मामले की तत्काल जांच कराने, ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने तथा दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
संघ ने उम्मीद जताई कि विभाग सभी बिंदुओं पर गंभीरता से पहल करते हुए ऊर्जा मित्रों के लंबित वेतन एवं अन्य बकाया राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करेगा।