“नृत्यंगना” कथक केंद्र का भव्य उद्घाटन, धनबाद में शास्त्रीय नृत्य और संगीत की नई पाठशाला शुरू
धनबाद, 26 सितंबर। शहर के रेलवे ऑडिटोरियम में शनिवार सुबह “अनुभूति एक एहसास” संस्था द्वारा “नृत्यंगना” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 200 लोगों ने प्रतिभाग किया। इसी अवसर पर “नृत्यंगना कथक केंद्र” का भी भव्य उद्घाटन हुआ, जिसका उद्देश्य कथक नृत्य और संगीत की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती प्रिया मिश्र (President, ECR WWO, Dhanbad) रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह की औपचारिक शुरुआत की। कार्यक्रम में श्रीमती मृणालिनी (Vice President WWO Indian Railway), श्रीमती अल्पना झा (Vice President WWO Indian Railway) तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री वैभव सिन्हा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर “नृत्यंगना कथक केंद्र” की संस्थापक एवं निदेशक डॉ. प्रियंका प्रियदर्शी ने केंद्र की स्थापना के उद्देश्य और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर धनबाद की जानी-मानी कथक नृत्यांगना श्रुति चंद्रा ने अत्यंत मनमोहक कथक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रतियोगिता में सिमरन छाबड़ा, सस्वती सेन, संचिता बख्ची तथा संजय मजूमदार की निर्णायक मंडली ने विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं की घोषणा की।
आयोजकों ने बताया कि “नृत्यंगना” अब नियमित रूप से कथक नृत्य की कक्षाएं संचालित करेगा, साथ ही इच्छुक विद्यार्थियों को संगीत की शिक्षा भी दी जाएगी। संस्था का मानना है कि “जहां परंपरा गति पाती है, और कहानियां जीवंत हो उठती हैं” — यही इस केंद्र की मूल भावना है।
कार्यक्रम सुबह 9:30 बजे से शुरू हुआ। इस अवसर पर शहर के कला व संस्कृति प्रेमी, अभिभावक और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, तथा सभी छात्रों ने जोर-शोर से प्रतिभाग किया।