Anchor:- धनबाद के आईआईटी-आईएसएम में मंगलवार को शताब्दी वर्ष के तहत विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित और विवेकानंद रॉक मेमोरियल एवं विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी की अखिल भारतीय अध्यक्ष सु. निवेदिता रघुनाथ भिड़े ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्त होने तक मत रुको” को आज के युवाओं के लिए भी बेहद प्रासंगिक बताया।
आईआईटी-आईएसएम के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की ओर से आयोजित शताब्दी व्याख्यान में सु. निवेदिता भिड़े ने “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्त होने तक मत रुको, युवाओं के लिए एक संदेश” विषय पर छात्रों और संस्थान के सदस्यों से संवाद किया।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संदेश सिर्फ व्यक्तिगत प्रेरणा तक सीमित नहीं था, बल्कि यह भारत के पुनरुत्थान का भी आह्वान था। युवाओं को आलस्य, जड़ता और पहल की कमी से बाहर निकलकर अपने जीवन और देश के उद्देश्य को समझने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता और सभी को अपनाने की भावना में है। युवाओं को अनुशासन, एकाग्रता, आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति विकसित करनी चाहिए।
सु. निवेदिता भिड़े ने मोबाइल और डिजिटल तकनीक को युवाओं के लिए बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल ज्ञान और समाज की समस्याओं के समाधान के लिए किया जा सकता है। वहीं, अनुशासन की कमी होने पर यही तकनीक समय की बर्बादी का कारण भी बन सकती है।
उन्होंने छात्रों से विज्ञान और तकनीक को समाज की जरूरतों से जोड़ने और मानव जीवन तथा पर्यावरण के लिए उपयोगी तकनीक विकसित करने पर जोर दिया।
वहीं, आईआईटी-आईएसएम के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान और बेहतर समाज का निर्माण होना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने सु. निवेदिता भिड़े को सम्मानित किया। कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।