इस्कॉन वृन्दावन विहार में दूसरे दिन अधिवास, श्रीकृष्ण बाल लीलाओं की कथा और बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियां
धनबाद:इस्कॉन वृन्दावन विहार के तीन दिवसीय वृन्दावन जन्माष्टमी महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को भक्ति, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक रंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महोत्सव में भाग लेकर श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की कथा, भक्तिमय कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। पूरा परिसर श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण के बाल जीवन की कथा के श्रवण से हुई। कथावाचक सुन्दर गोविन्द प्रभु ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और उनके आध्यात्मिक संदेशों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक जीवन के महत्व से अवगत कराया।
कथा के पश्चात महा आरती का आयोजन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए विधिवत अधिवास की धार्मिक प्रक्रिया संपन्न हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया।
महोत्सव में इस्कॉन वृन्दावन विहार के बच्चों ने विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और पूरा वातावरण तालियों एवं जयकारों से गूंज उठा।
इस्कॉन वृन्दावन विहार की ओर से आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव में कथा, कीर्तन और महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रबंधक श्रीमंत सुंदर गोविंद दास ने बताया कि महोत्सव के अंतिम दिन कई विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने धनबादवासियों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और आध्यात्मिक आनंद का लाभ उठाने की अपील की।
अंतिम दिन होंगे विशेष आयोजन
तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन 2 से 4 सितंबर तक किया जा रहा है। अंतिम दिन श्रीकृष्ण जन्म कथा, प्रभुपाद लीलामृत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, श्री श्री राधा गिरिधारी माधव जी का अभिषेक, भगवान को 56 भोग, महाआरती सहित कई विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।
