जिले की प्रमुख नदियों एवं जल स्रोतों के संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा समग्र जल प्रबंधन के उद्देश्य से अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान के अंतर्गत गठित मल्टी स्टेकहोल्डर्स वर्किंग ग्रुप की द्वितीय बैठक आज समाहरणालय के सभागार में नगर आयुक्त श्री आशीष गंगवार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में दामोदर, कतरी सहित जिले की अन्य प्रमुख नदियों एवं जल स्रोतों की वर्तमान स्थिति तथा उनके संरक्षण और पुनर्जीवन के संभावित उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में धनबाद से निकलने वाली नदी, नालाओं को प्रदूषण से बचने एवं स्थानीय लोगों के आजीविका को ध्यान में रखते हुए दामोदर नदी एवं कतरी नदी के घाटों में सौंदर्य करण कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से संबंधित उपायों के बारे में गहन विचार विमर्श किया गया।
इसके अलावा आवश्यक सुझावों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई ताकि भविष्य में नदी या जल स्रोतों के संरक्षण के लिए कारगर परियोजनाओं को धरातल पर उतरा जा सके। साथ में शहरी नदी प्रबंधन योजना के विभिन्न आयामों पर व्यापक चर्चा की गई। इस क्रम में नदी संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, नदी तट विकास, जल प्रबंधन तथा सामुदायिक सहभागिता से जुड़े कई संभावित उपायों पर चर्चा हुई।
बैठक में नदियों के आसपास संभावित अतिक्रमण, ओवर बर्डन (ओबी) डंपिंग तथा अन्य पर्यावरणीय दबावों की पहचान करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।
बैठक के दौरान दामोदर बचाओ आंदोलन के जिला समन्वयक श्री अरुण कुमार राय ने दामोदर नदी के सहायक छोटी नदी व नालों की स्थिति का सर्वेक्षण करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा इसके अतिक्रमण से जल स्रोतों में रुकावट आ रही है और छोटे जलस्रोत समाप्त हो रहे हैं। वहीं मेघ पाइन अभियान के श्री एकलव्य प्रसाद ने वर्षा जल के आकड़ों का विश्लेषण करने, जल स्रोतों के आसपास पानी फल सिंघाड़ा व हॉर्टिकल्चर को बढ़ावा देने का सुझाव दिया।
बैठक में नगर आयुक्त श्री आशीष गंगवार, डॉ जी.आर. साबीबी, श्री मनु भटनागर, श्री दमनजीत सिंह मिन्हास, श्री जसवंत सिंह, डीएमसी के अर्बन रीफोर्म स्पेशलिस्ट श्री अमनदीप, आईआईटी आईएसएम के प्रोफेसर बिस्वजीत पॉल, श्री सुरेश पान्दन ईलुमलाय, बीआईटी सिंदरी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ बी.डी. यादव खेल पदाधिकारी श्री उमेश लोहरा के अलावा बीसीसीएल, जुडको, बीबीएमकेयू, जेवीवीएनएल के प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।