आज जिला समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन की अध्यक्षता में ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया गया। आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निवारण के लिए आयोजित इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न दूर-दराज के क्षेत्रों से आए दर्जनों ग्रामीणों एवं फरियादियों ने अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए।
जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने संवेदनशीलता के साथ एक-एक कर सभी फरियादियों की शिकायतों और समस्याओं को सुना। प्राप्त आवेदनों में मुख्य रूप से भूमि विवाद, राशन कार्ड में नाम जोड़ने/संशोधन, वृद्धावस्था एवं दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना,अबूआ आवास,हॉस्टल में नामांकन नहीं होने, दाखिल-खारिज को रद्द करने, गैर-आबाद तालाब की जमाबंदी रद्द करने, मुआवजा, वित्तीय और बैंक संबंधी मामले, सड़क व नाली निर्माण, धोखाधड़ी और प्रताड़ना के मामले, राजस्व, पेयजल, आपूर्ति, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग से संबंधित शिकायतें शामिल थीं।
मामलों की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को फोन पर एवं मौके पर ही त्वरित कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए। जनता दरबार में उपस्थित कई मामलों का ऑन द स्पॉट समाधान किया गया, जिससे कई नागरिकों को तुरंत राहत मिली। जिन आवेदनों का तत्काल निष्पादन संभव नहीं था, उनके लिए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को एक निश्चित समय सीमा (टाइमलाइन) के भीतर जांच कर रिपोर्ट सौंपने और गुणवत्तापूर्ण निवारण सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे।