अंडरपास में जलजमाव पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, रेल अधिकारियों की दबंगई से बढ़ा विवाद।

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धनबाद में हुई हल्की बारिश ने रेलवे और प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। ईस्ट बसुरिया ओपी क्षेत्र के बड़की बोआ रेलवे अंडरपास में जलजमाव की समस्या एक बार फिर विकराल रूप ले चुकी है। अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब गया है, जिससे लोगों का आवागमन ठप हो गया है। लेकिन इस बार जलजमाव से ज्यादा चर्चा रेलवे अधिकारियों के उस रवैये की हो रही है, जिस पर ग्रामीणों और पत्रकारों ने दबंगई का आरोप लगाया है।

थोड़ी सी बारिश के बाद ही बड़की बोआ रेलवे अंडरपास तालाब में तब्दील हो गया। सड़क पर कई फीट पानी जमा होने से बाइक और अन्य छोटे वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो जा रहे हैं। स्कूली छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में भारी परेशानी हो रही है, जबकि बच्चे जान जोखिम में डालकर इसी पानी में तैरते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में यही स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर कुछ दिन पहले भी ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया था और डीआरएम का पुतला दहन कर अपना विरोध जताया था। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। इसी से नाराज ग्रामीण एक बार फिर बड़ी संख्या में अंडरपास पर जुटे और रेलवे प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही रेलवे के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि वे जलजमाव की समस्या का समाधान मांग रहे थे और वैकल्पिक तौर पर रेल क्रॉसिंग खोलने की मांग कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया। ग्रामीणों के अनुसार अधिकारियों का रवैया पूरी तरह तानाशाहीपूर्ण था।

हैरानी की बात यह रही कि मौके पर मौजूद पत्रकार जब ग्रामीणों की समस्याओं और प्रदर्शन की कवरेज कर रहे थे, तब रेलवे अधिकारियों ने उनसे भी कैमरा बंद करने को कहा और कवरेज के लिए लाइसेंस तक मांगने लगे। अधिकारियों के इस व्यवहार से मौके पर मौजूद लोगों में और अधिक आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का समाधान करने के बजाय अधिकारी अपनी दबंगई दिखाने में लगे रहे।

फिलहाल ग्रामीण किसी सक्षम और उच्च रेलवे अधिकारी के मौके पर पहुंचने तथा समस्या के स्थायी समाधान का लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन समाप्त करने के मूड में नहीं हैं। बड़की बोआ अंडरपास में जलजमाव और अधिकारियों के कथित दुर्व्यवहार ने रेलवे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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