धनबाद :-आदिवासी समाज के लोगों ने महान संताली विद्वान और ओल चिकी लिपि के जनक रघुनाथ मुर्मू की 122वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई। कार्यक्रम का आयोजन एसएसएलएनटी कॉलेज के सामने किया गया, जहां बड़ी संख्या में समाज के लोग जुटे और अपने महान पुरोधा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर उपस्थित लोगों ने रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा/चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि रघुनाथ मुर्मू ने ओल चिकी लिपि के माध्यम से संथाली भाषा और संस्कृति को नई पहचान दिलाई, जो आज आदिवासी समाज की पहचान का अहम हिस्सा है।