पहला कदम में मनाया गया विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस

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धनबाद: जगजीवन नगर स्थित दिव्यांग बच्चों का स्कूल पहला कदम की सचिव अनीता अग्रवाल ने बताया कि विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस प्रतिवर्ष 2 अप्रैल को मनाते हैं।इस दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2007 में की गई थी।ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है जिसे दवा से ठीक किया जा सके। यह एक न्यूरोलॉजिकल स्थित है।यह 18 महीने के बच्चों में इसके लक्षण को देखकर हम आसानी से समझ सकते है। जैसे आँखों में आँख डालकर बात नहीं करना, बबलिंग साउंड निकलना या बोलने में समस्या‌, एकांत में रहना, लोगों से संपर्क नहीं रखना,एक ही खिलौने से खेलना।अपने माता-पिता से लगाव कम रखना। बदलाव इन्हें पसंद नहीं होता। बाहरी दुनिया को छोड़ ऐसे बच्चे अपने आप में खोए रहते हैं।जो लोग नहीं जानते हैं वह ऐसे बच्चों को जिद्दी या अजीब शब्द बोलकर उपहास उड़ाते हैं।ऑटिज्म से जुड़े बच्चे बहुत संवेदनशील होते हैं।कुछ बच्चे बोल नहीं पाते हैं इसका मतलब यह नहीं कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है। वे अपने तरीके से अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं। कभी व्यवहार से तो कभी अपनी चुप्पी से। कभी-कभी ऐसे बच्चों को भी देखा है की वे छोटी-छोटी चीजों में खुशी ढूंढ लेते हैं जैसे एक खिलौना ‌‌,एक गाना या हमारा एक प्यार भरा स्नेह। वहीं कई बार तेज आवाज,भीड़ या बदलाव इन्हें असहज कर देता है। ऐसे समय में उन्हें डांटने की नहीं प्यार से समझने की जरूरत होती है।मेरा अनुभव यही कहता है कि सही मार्गदर्शन,समय पर उचित थेरेपी धैर्य और प्यार से यह बच्चे भी बहुत कुछ सीख सकते हैं और समाज का एक हिस्सा बन सकते हैं। अनीता अग्रवाल सचिव पहला कदम पिछले 20 वर्षों से ऐसे बच्चों के साथ कार्य कर रही हैं । जिसमें बौद्धिक क्षमता, मूकबधिर, सेरेब्रल पाल्सी,डाउन सिंड्रोम,शारीरिक अक्षमता, दृष्टि बाधित से समस्या वाले बच्चों के साथ-साथ ऑटिज्म पर भी विशेष कार्य कर रही हैं । स्कूल में बच्चों का शिक्षण प्रशिक्षण के साथ ही इंडिया थेरेपी सेंटर जगजीवन नगर धनबाद में विशेष कर इन बच्चों के लिए एक ही विस्तृत सेटअप तैयार किया गया है जो यह खुद में बहुमूल्य है। यहाँ बच्चों की समस्या को देखते हुए स्पीच थेरेपी, फिजियोथैरेपी, बिहेवियर थेरेपी,ऑक्यूपेशनल थेरेपी,वाटर थेरेपी,सेंड थेरेपी,म्यूजिक थेरेपी और चिकित्सा निदान उपलब्ध है। धनबाद शहर में यह अकेला संस्थान है जो की एक ही छत के नीचे विभिन्न तरह के कार्य को कर रहा है।इतना ही नहीं 18 वर्ष से ऊपर के बच्चों उनकी योग्यता और इंटरेस्ट को देखते हुए हम उन्हें वोकेशनल ट्रेनिंग देते हैं जैसे पेपर प्लेट, टेलरिंग शॉप, शॉपकीपर,कंप्यूटर,गार्डनिंग,स्पोर्ट,पीटी,योगा, नई उड़ान क्लाउड किचन,एच आई बच्चों को फूड एंड बेवरेज सर्विस असिस्टेंट और क्लाउड किचन का 6 महीने का ट्रेनिंग दिया जाता है। ट्रेनिंग के दौरान बच्चों को लंच प्रदान किया जाता है। सफल बच्चों को ट्रेनिंग के बाद नौकरी भी प्रदान किया जाएगा। पहला कदम का यह सभी कार्य करने का उद्देश्य है की इन बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ना ताकि वे सामान्य लोगों की तरह स्वतंत्र रूप से अपना जीवन यापन कर सके।

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