धनबाद:जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेहा कश्यप की तत्परता और मानवीय संवेदना के चलते एक बेसहारा बुजुर्ग को सुरक्षित आश्रय मिल सका। धनबाद में इधर-उधर भटक रहे लोहरदगा निवासी 80 वर्षीय वृद्ध सुशील दादेल को ओल्ड एज होम वृद्धाश्रम पहुंचाया गया। इस सराहनीय कार्य को ओल्ड एज होम के अध्यक्ष सह संचालक नौशाद गद्दी ने अपनी टीम के सदस्य कोषाध्यक्ष ओंकार मिश्रा और पूरी टीम के सहयोग से अंजाम दिया।
ओल्ड एज होम के संचालक नौशाद गद्दी ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि सुशील दादेल अत्यंत वृद्ध अवस्था में हैं और बीते कुछ समय से धनबाद के विभिन्न इलाकों में बेसहारा हालत में भटक रहे थे। इसी दौरान जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेहा कश्यप की नजर उन पर पड़ी। उनकी दयनीय स्थिति को देखते हुए उन्होंने तुरंत इसकी सूचना ओल्ड एज होम को दी, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग की देखभाल की और उन्हें सुरक्षित वृद्धाश्रम ले जाने की व्यवस्था की।
नौशाद गद्दी ने कहा कि आज के समय में यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ बच्चे अपने माता-पिता को सड़क पर भूखे-प्यासे भटकने के लिए छोड़ देते हैं। जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को जन्म दिया, उन्हें पाल-पोसकर बड़ा किया और हाथ पकड़कर चलना सिखाया, वही बच्चे जब बड़े हो जाते हैं तो अपने कर्तव्यों को भूल जाते हैं। यह केवल पारिवारिक नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या बनती जा रही है।
उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि बुजुर्गों की देखभाल करना केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखाकर प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं को आगे आना चाहिए, ताकि कोई भी बुजुर्ग बेसहारा न रहे। सुशील दादेल को ओल्ड एज होम में सुरक्षित आश्रय मिलने के बाद अब उन्हें समुचित देखभाल और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा।