रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने 3 अमृत भारत एक्सप्रेस और 4 पैसेंजर ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई
छठ और दिवाली के दौरान 12,000 विशेष ट्रेनें चलेंगी; पिछले साल 7500 से ज़्यादा
केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज बिहार के लिए सात नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इनमें 3 (तीन) अमृत भारत एक्सप्रेस और 4 (चार) नई पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। इस शुरुआत से राज्य भर में कनेक्टिविटी मज़बूत होगी और बिहार देश भर के प्रमुख शहरों से जुड़ जाएगा।
ये नई ट्रेनें उधना (गुजरात) और ब्रह्मपुर (ओडिशा) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद शुरू हुई हैं।
तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का शुभारंभ:
1. दरभंगा-अजमेर (मदार) अमृत भारत एक्सप्रेस – यह बिहार को राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थस्थल से जोड़ती है।
2. मुज़फ़्फ़रपुर-हैदराबाद (चारलापल्ली) अमृत भारत एक्सप्रेस – यह सेवा उत्तर बिहार को सीधे दक्षिण भारत से जोड़ती है और हज़ारों यात्रियों को लाभान्वित करती है।
3. छपरा-दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) अमृत भारत एक्सप्रेस – यह ट्रेन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करती है।
अमृत भारत ट्रेन सेमी-ऑटोमैटिक कपलर, फायर डिटेक्शन सिस्टम, सीलबंद गैंगवे और टॉक-बैक यूनिट जैसी उन्नत सुविधाओं से लैस है। यात्रियों को अधिक आराम प्रदान करने के लिए इसमें आधुनिक, एर्गोनॉमिक रूप से डिज़ाइन की गई सीटें भी हैं।
स्थानीय कनेक्टिविटी के लिए चार नई पैसेंजर ट्रेनें:
1. झाझा-दानापुर पैसेंजर ट्रेन
2. पटना-बक्सर पैसेंजर ट्रेन
3. नवादा-पटना पैसेंजर ट्रेन
4. पटना-इस्लामपुर पैसेंजर ट्रेन
केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने इस अवसर पर कहा, “सरकार का ध्यान जीवन और यात्रा को आसान बनाने पर है। बिहार के विभिन्न हिस्सों के लोगों की ये लंबे समय से लंबित मांगें थीं, जो आज पूरी हो रही हैं।”
बिहार में ऐतिहासिक रेलवे निवेश
बिहार के रेलवे बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। 2025-26 के लिए रेल बजट ₹10,000 करोड़ से अधिक है। यह 2009-14 के दौरान ₹1,132 करोड़ के औसत वार्षिक आवंटन से नौ गुना अधिक है।
राज्य में अब 100% विद्युतीकृत रेलवे लाइनें हैं। 2014 से अब तक 1,899 किलोमीटर नई पटरियों का निर्माण पूरा हो चुका है। यह श्रीलंका के संपूर्ण रेल नेटवर्क से भी अधिक है। इसके अतिरिक्त, 559 रेल फ्लाईओवर और अंडर-ब्रिज बनाए गए हैं।
वर्तमान में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की रेलवे परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। इसमें 5,054 किलोमीटर पटरियों को कवर करने वाली 56 नई रेल परियोजनाएँ शामिल हैं।
स्टेशनों का आधुनिकीकरण जारी है
98 अमृत स्टेशनों पर काम तेज़ी से चल रहा है। इन स्टेशनों में आधुनिक सुविधाएँ और यात्री सुविधाएँ होंगी। प्रधानमंत्री ने 22 मई, 2025 को पीरपैंती और थावे में दो अमृत स्टेशनों का उद्घाटन किया।
स्टेशन पुनर्विकास के लिए कुल ₹3,285 करोड़ का निवेश आवंटित किया गया है। वर्तमान में बिहार भर में 85 स्टेशनों पर काम चल रहा है।
आधुनिक रेल सेवाओं का विस्तार
आज के शुभारंभ के साथ, बिहार में 26 अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएँ (13 जोड़ी) चल रही हैं। ये 30 जिलों को कवर करती हैं और 65 विशेष स्टॉपेज पर चलती हैं।
राज्य में 28 वंदे भारत सेवाएँ हैं जो 25 जिलों को कवर करती हैं और 42 विशेष स्टॉपेज पर चलती हैं।
राज्य में 2 नमो भारत रैपिड रेल सेवाएँ संचालित हैं।
निर्यात उपलब्धि
बिहार ने लोकोमोटिव निर्माण में भी एक उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री ने 20 जून, 2025 को गिनी को निर्यात के लिए मढ़ौरा प्लांट में निर्मित लोकोमोटिव को हरी झंडी दिखाई। यह वैश्विक रेलवे निर्माण में बिहार के प्रवेश का प्रतीक है।
त्योहार की तैयारियाँ
भारतीय रेलवे ने छठ और दिवाली त्योहारों के लिए 12,000 से अधिक विशेष ट्रेनों की योजना बनाई है। 10,500 ट्रेनों की अधिसूचना पहले ही जारी कर दी गई है। अंतिम समय में तैनाती के लिए 150 अतिरिक्त अनारक्षित ट्रेनें तैयार रखी जाएँगी।
ये नई सेवाएँ किफायती और आरामदायक परिवहन विकल्प प्रदान करेंगी। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही के प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जाएगा।
ये उद्घाटन बिहार के रेल बुनियादी ढाँचे को बेहतर बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। पिछले 16 महीनों में, बिहार राज्य के लिए 13,432 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं को मंज़ूरी दी गई है। विवरण इस प्रकार हैं:
| क्र.सं. | परियोजना | किमी | लागत (करोड़ रूपये में) |
| 1 | ब्रिकमशिला – कटरिया नइ्र लाईन (जिला – भागलपुर) | 26 | 2,549 |
| 2 | नरकटियागंज – रक्सौल – सीतामढ़ी – दरभंगा एवं सीतामढ़ी -मुजफ्फरपुर रेलखंड का दोहरीकरण (जिला – पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, सीतामढ़ी, दरभंगा एवं मुजफ्फरपुर) | 256 | 4,553 |
| 3 | अलुआबाड़ी – न्यू जलपाईगुड़ी तीसरी एवं चौथी लाइन (जिला – किशनगंज) | 57 | 1,786 |
| 4 | भागलपुर – जमालपुर तीसरी लाइन (जिला – मुंगेर, भागलपुर) | 53 | 1,156 |
| 5 | भागलपुर – दुमका – रामपुर हाट दोहरीकरण (जिला – भागलपुर, बांका) | 177 | 3,169 |
| 6 | बख्तियारपुर – राजगीर – तिलैया दोहरीकरण (जिला – पटना, नालन्दा, नवादा) | 104 | 2,192 |
| कुल | 673 | 13,432 |
**********
