धनबाद, 19 मार्च 2025: धनबाद समाहरणालय में बुधवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सुश्री माधवी मिश्रा की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची की समीक्षा, मतदान जागरूकता अभियान और चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने पर विचार-विमर्श करना था।
उपायुक्त माधवी मिश्रा ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे हर मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करें ताकि मतदाता सूची की अच्छे से जांच की जा सके और किसी भी मतदाता का नाम छूटने पर तुरंत प्रशासन को जानकारी दी जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) के तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाए और मतदाता सूची से नाम हटाने में सतर्कता बरती जाए।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि शहरी क्षेत्र में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करें और नए वोटर कार्ड के वितरण की निगरानी करें।
उपायुक्त ने बताया कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और बीएलओ सुपरवाइजर की भूमिका मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण है। सभी बीएलओ के पास पर्याप्त मात्रा में प्रपत्र 6, 7, 8 उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए किया जा सकता है। उपायुक्त ने यह भी कहा कि बूथ बदलने, मतदान केंद्र की स्थिति, कम मतदान प्रतिशत वाले इलाकों, नए वोटर कार्ड वितरण और बीएलओ से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या, शिकायत या सुझाव को प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए। प्रशासन इसकी गंभीरता से समीक्षा करेगा और समाधान सुनिश्चित करेगा।
बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, आजसू, आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और सीपीएम के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने-अपने सुझाव दिए।बैठक में मौजूद प्रमुख लोग:उपायुक्त: सुश्री माधवी मिश्राउप निर्वाचन पदाधिकारी: श्री कालिदास मुंडाडीएसओ: श्री प्रदीप कुमार शुक्लाझामुमो: श्री मुकेश कुमार सिंहबीजेपी: श्री नरेंद्र त्रिवेदीकांग्रेस: श्री अरविंद कुमार सैनीआजसू: श्री रतीलाल महतोआप: श्री नीतीश कुमार गुप्ता, श्री राजेश कुमारबसपा: श्री अभय कुमारराजद: श्री प्रदीप पालसीपीएम: श्री हरे कृष्णा निषाद
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुचारू संचालन के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण थी, और आगामी दिनों में भी इस तरह की बैठकों का आयोजन किया जाएगा।