दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए किए जा रहे कार्यों को मिली सराहना
धनबाद/झुमरी तिलैया: नारायणी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित पहला कदम विशेष दिव्यांग स्कूल की सचिव एवं प्रख्यात समाजसेविका अनीता अग्रवाल को श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव-2026 में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। 11 अक्टूबर को झुमरी तिलैया में आयोजित इस समारोह में मिला सम्मान दिव्यांगजनों की शिक्षा, स्वास्थ्य, अधिकारों और आत्मनिर्भरता के लिए उनके निरंतर प्रयासों के प्रति समाज के विश्वास और सम्मान का प्रतीक है।
समारोह में श्री अग्रवाल समाज, झुमरी तिलैया की ओर से अध्यक्ष कैलाश चौधरी, सचिव संजीव खैतान, मनोज केडिया एवं आयुष पोद्दार ने अनीता अग्रवाल को सम्मानित किया। इस अवसर पर पहला कदम के सुपरवाइजर कौशल अग्रवाल भी उपस्थित रहे। सम्मान से अभिभूत अनीता अग्रवाल ने आयोजकों और उपस्थित गणमान्य लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके स्नेह, सहयोग और प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद दिया।
दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य
अनीता अग्रवाल लंबे समय से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सर्वांगीण विकास और अधिकारों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही हैं। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में पहला कदम विशेष दिव्यांग स्कूल बच्चों को शिक्षा के साथ अपनी प्रतिभा पहचानने, आत्मविश्वास विकसित करने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के अवसर प्रदान कर रहा है। संस्था दिव्यांग बच्चों के परिवारों को सहयोग देने और उनके बेहतर भविष्य के निर्माण की दिशा में भी निरंतर प्रयासरत है।
मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने पर अनीता अग्रवाल ने कहा यह सम्मान मेरे लिए खुशी के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। दिव्यांग बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनते देखना ही मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह सम्मान मुझे दिव्यांगजनों के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। मैं चाहती हूं कि हर दिव्यांग बच्चे को शिक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले।
सामाजिक एकता और सेवा का संदेश
श्री अग्रवाल समाज, झुमरी तिलैया की ओर से आयोजित श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव का उद्देश्य सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को आगे बढ़ाना है। महोत्सव में अनीता अग्रवाल को मुख्य अतिथि के रूप में सम्मानित किया जाना उनके सामाजिक योगदान के साथ-साथ दिव्यांगजनों के सम्मान, अधिकारों और आत्मनिर्भरता के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी नई पहचान प्रदान करता है।
कुसुम न्यूज़ से कुमार की रिपोर्ट