पश्चिम बंगाल के निचले इलाकों में भेजी गई सतर्कता संदेश
पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मैथन और पंचेत डैम के जलस्तर में तेज़ी से वृद्धि हुई है। जिसके कारण मैथन और पंचेत डैम से एक लाख क्यूसेक पानी पश्चिम बंगाल के निचले इलाकों में छोड़ी गई है। जिसकी सूचना पहले ही सदस्य सचिव डीवीआरआरसी संजीव कुमार ने भेज दिया है जिसमें बताया गया है कि मैथन डैम से 45000 क्यूसेक और पंचेत डैम से 54800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है इसलिए निचले इलाके में रह रहे लोग सावधान रहे। डीवीसी (DVC) से प्राप्त सूचना के अनुसार, मैथन डैम का जलस्तर 487 फीट तक पहुँच गया है, जो कि खतरे के निशान 495 फीट से अभी 8 फीट कम है। वहीं, पंचेत डैम का जलस्तर 416 फीट हो गया है, जहाँ खतरे का निशान 425 फीट है; यहाँ भी जलस्तर खतरे के निशान से 9 फीट कम है।
डैम के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी के तेज़ बहाव को देखते हुए केंद्रीय जल आयोग (CWC) निर्देश पर डीवीसी ने मैथन डैम के पांच गेट और चार गैलरी खोल दिया है जबकि पंचेत डैम के भी गेट खोले गए हैं जहां से 54800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रही है। फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है, फिर भी दोनों डैमों पर केंद्रीय जल आयोग और डीवीसी के अधिकारियों की पैनी नज़र बनी हुई है।