धनबाद:जिले के कालीमाटी पंचायत अंतर्गत मोहुलबाना गांव में संचालित एक तंबाकू फैक्ट्री ग्रामीणों के लिए काल बन गई है. बुधवार को जिला परिषद सदस्य मुस्तफा कुरैशी ने इस गंभीर मुद्दे को लेकर धनबाद उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने फैक्ट्री से फैल रहे प्रदूषण पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.
हजारों की आबादी खतरे में, सांस लेना हुआ दूभर
इस दौरान जिला परिषद सदस्य
मुस्तफा कुरैशी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मोहुलबाना गांव की घनी आबादी के बीच यह तंबाकू फैक्ट्री अवैध रूप से स्वास्थ्य मानकों को ताक पर रखकर संचालित हो रही है. फैक्ट्री से दिन-रात निकलने वाले जहरीले धुएं ने वायु गुणवत्ता (AQI) को बेहद खराब कर दिया है.फैक्ट्री द्वारा छोड़े जा रहे रसायनिक कचरे और तीखी गंध से पूरे क्षेत्र का वातावरण प्रदूषित हो चुका है.
नौनिहालों के भविष्य पर संकट
मुस्तफा कुरैशी ने कहा कि सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इस फैक्ट्री के बिल्कुल समीप ही सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र स्थित हैं.
फैक्ट्री से निकलने वाली जहरीली गैसों के कारण छोटे बच्चों और महिलाओं को सांस लेने में तकलीफ हो रही है और आंखों में लगातार जलन की शिकायत बनी रहती है. यह बच्चों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है.
कानून की सरेआम धज्जियां
कुरैशी ने कहा कि यह फैक्ट्री वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 का खुला उल्लंघन कर रही है. रिहायशी इलाके में इस तरह की हानिकारक इकाई का संचालन न केवल नियमों के विरुद्ध है बल्कि मानवाधिकारों का भी हनन है. मुस्तफा कुरैशी ने जिला प्रशासन स मांग की है कि फैक्ट्री से होने वाले वायु और रसायनिक प्रदूषण की तत्काल जांच कराई जाए,
नियमों का उल्लंघन करने वाली इस फैक्ट्री को अविलंब बंद या स्थानांतरित किया जाए और
ग्रामीणों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए.
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस पर संज्ञान नहीं लिया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस जहरीली फैक्ट्री पर क्या कार्रवाई करता है.