धनबाद: झालसा के निर्देश पर चलाए जा रहे नब्बे दिवसीय जनजागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को बाल सुधार गृह में एक विशेष योगा कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वहां रह रहे बाल बंदियों को उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। योग प्रशिक्षकों व डालसा के अधिकार मित्र की टीम ने लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के अधिवक्ता कन्हैयालाल ठाकुर के नेतृत्व में बाल सुधा गृह में निरुद्ध बालकों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया। इस दौरान बच्चों को बताया गया कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है और एकाग्रता में वृद्धि होती है। इस बाबत जानकारी देते हुए प्राधिकार के सचिव सह और न्यायाधीश मयंक तुषार टोपनों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बाल बंदियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।
कैंप के दौरान बाल बंदियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग के महत्व को समझते हुए इसे अपने दैनिक जीवन में शामिल करने का संकल्प लिया। न्यायाधीश ने बताया कि
यह योगा कैंप 90 दिवसीय अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके माध्यम से बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को जागरूक एवं सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।