उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन ने मंगलवार को जनता दरबार का आयोजन कर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आमजनों की फरियाद सुनी।
इसमें कुसुम विहार से आए एक व्यक्ति ने उपायुक्त को बताया कि उनको एक बिल्डर ने हीरक रोड करमाटांड मोड़, में जमीन दिखाकर, जमीन के नाम पर 20 लाख रुपए लिए। जिसकी रसीद उनके पास मौजूद है। जमीन का सम्पूर्ण मूल्य प्राप्त करने के बावजूद न तो उसे जमीन दी और न ही उसकी रजिस्ट्री की। बार बार आग्रह करने के बाद बिल्डर सिर्फ रजिस्ट्री करने का झूठा वादा कर रहा है। मांगने पर पैसा भी वापस नहीं कर रहा है। अब तो उसने पीड़ित से मुलाकात करना भी बंद कर दिया है। पीड़ित ने बिल्डर के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई।
जनता दरबार में महुदा से आए एक दिव्यांग व्यक्ति ने आवास उपलब्ध कराने, टुंडी से आए व्यक्ति ने उनकी रैयत्ती जमीन पर जबरन 10 फीट रास्ता की मांग करने, खेसमी से आए व्यक्ति ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर निर्माण के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण का मुआवजा दिलाने, टुंडी से आए व्यक्ति ने खतियानी जमीन में नाम सुधारने का अनुरोध किया।
जनता दरबार में एक व्यक्ति ने प्राथमिक विद्यालय नवाटांड की सड़क पर जबरन अतिक्रमण कर घर बनाने एवं सरकारी जमीन पर बाउंड्री वॉल बनाकर जबरन कब्जा करने की शिकायत की। जबकि एक अन्य व्यक्ति ने एक निजी विद्यालय से सेवानिवृत्ति होने के बाद उनके पोते को एडमिशन नहीं देने की शिकायत की।
जनता दरबार में परसबनिया गांव के सरकारी बड़ा तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने, कार्य स्थल पर चोट लगने के बाद नियोजक द्वारा मुआवजा नहीं देने, सेल के टासरा परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा नहीं मिलने, माननीय न्यायालय के आदेश के बावजूद विपक्षी द्वारा बाउंड्री वॉल निर्माण में बाधा उत्पन्न करने, निजी विद्यालय द्वारा मनमाने ढंग से री-एडमिशन फीस की मांग करने, फर्जी वंशावली के आधार पर हुए म्यूटेशन को रद्द करने सहित अन्य शिकायत प्राप्त हुई।
उपायुक्त ने आम जनों के आवेदनों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारी को निर्देशित किया।
जनता दरबार में निदेशक डीआरडीबी श्री राजीव रंजन, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा श्री नियाज अहमद भी मौजूद थे।