धनबाद। हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंबा गांव में रामनवमी की अष्टमी की रात एक बच्ची की निर्मम हत्या के मामले को लेकर प्रदेशभर में आक्रोश है। इस घटना पर अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की धनबाद जिला कमेटी ने इस घटना को मानवता को झकझोर देने वाला बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस मामले को भाजपा द्वारा साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि 3 अप्रैल को भाजपा द्वारा बुलाए गए बंद को बाद में स्थगित करना इस बात का संकेत है कि सच्चाई सामने आने के बाद पार्टी बैकफुट पर आ गई।
जेएमएम जिला अध्यक्ष लखी सोरेन ने कहा कि पुलिस जांच में मुख्य आरोपी के रूप में भीम राम का नाम सामने आया है, जो कथित तौर पर भाजपा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के शुरुआती दौर में भाजपा नेताओं ने बिना तथ्य के राज्य सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और माहौल को तनावपूर्ण बनाने की कोशिश की।
वहीं जेएमएम नेत्री डॉ नीलम मिश्रा ने भाजपा से प्रेस वार्ता कर राज्य की जनता से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
जेएमएम नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि इस जघन्य अपराध में शामिल आरोपी को सख्त से सख्त सजा दी जाए।