धनबाद :आईआईटी आईएसएम पर्यावरण विभाग में आगामी 22-23 मार्च को आयोजित होने वाले प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन मिशन वाई के लिए शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस अयोजित किया गया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को भारत के जानेमाने जलविज्ञानी एवं पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. अंशुमाली और धनबाद जिला नमामि गंगे कार्य समिति के सदस्य अरुण राय ने सम्बोधित किया। इस कार्यक्रम के संयोजक प्रो. अंशुमाली ने राष्ट्रीय कार्यक्रम के मुख्य उदेश्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि प्राकृतिक जलधाराओं की संख्या और लम्बाई में तेजी से हो रही गिरावट और छोटे जलक्षेत्रों के विलुप्त होने की समस्या का समाधान करना है, साथ ही नदी रेड लिस्ट श्रेणी और मानदंड आरआरएलसीसी ढांचे का परिचय और प्रचार करना है। यह राष्ट्रीय सम्मेलन नदी पुनर्जीवन के लिए एक वैज्ञानिक भूमि अधिग्रहण नीति की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालता है।
मूलरूप से राष्ट्रीय आयोजन भूमि उपयोग और भूमि आवरण में हो रहे बदलावों और जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर सतत जलक्षेत्र बहाली के लिए शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी निकायों, उद्योगों और गैर-सरकारी संगठनों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है। इस कार्यक्रम में देश के जानेमाने नदी विशेषज्ञों का जमावड़ा हो रहा है जो निरंतर भारत प्रयाद्वीप में जल संरक्षण एवं संवर्धन प्रति सतत कार्य कर रहे हैं। मुख्य वक्ताओं में दामोदर बचाओ आंदोलन के प्रणेता सरयू रॉय, डॉ. आर. के. सिन्हा (डॉल्फिन मैन), और डॉ. राजेद्र सिंह (वाटर मैन) अपने अनुभवों से इस राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करेंगे। साथ ही साथ देश के महत्पूर्ण शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं नियामक संस्थानो (आईआईटी रुड़की, आईआईटी खड़गपुर, सीयूएसबी, सीयूजे, सिम्फर, नीरी, आईआईटी बॉम्बे, आईएफपी रांची, सीजीडब्ल्यूबी, सीएसआईआर, वन विभाग झारखंड, युगांतर भारती आदि) से शोधकर्ता अपने शोध पत्रों के माध्यम से नदियों के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए नीति निर्धारण की वैधानिक समीक्षा करेंगे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए, अंशुल शरण (अध्यक्ष युगांतर भारती), अरुण राय (धनबाद समन्वयक), सुरेंद्र (बोकारो समन्वयक), शोध विद्वान रोजा एलिजा, राहुल पांडे आदि का विशेष सहयोग रहेगा। प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन मिशन का शुभारम्भ 22 मार्च को होने से विश्व जल दिवस 2026 के विषय जल और लैंगिक समानता में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने पर विशेष रूप से केंद्रित रहेगा।