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पाकी अभिलेख के गोंगो गांव स्थित है लेकिन राजकीय कृत मध्य विद्यालय गोंगो के प्रभारी शिक्षक आलोक रंजन विद्यालय में उपस्थित हैं पंजी में अपनी उपस्थिति खो गए हैं ना तो उन्हें संचालित कक्षा से कोई मतलब नहीं है और ना ही मध्याह्न भोजन से विद्यालय के शिक्षण व अन्य प्रकार के विद्यालयों से संबंधित कार्य वे हमेशा किसी न किसी विद्यालय से बाहर ही रहते हैं।
विद्यालय का हाल ऐसा है जैसे वह विद्यालय न हो अध्ययन हो विद्यालय विकास के पैसे भी बंदरबांट कर लेता है यदि विद्यालय विकास के पैसे की जांच अच्छे तरीके से की जाए तो नतीजे चौंकाने वाला होगा यहां तक कि उनकी कार्यशैली से लेकर पंचायत के मुखिया तक माता-पिता भी चिंतित रहते हैं स्कूल में शौचालय तो है लेकिन शौचालय के बाहर सफाई का अंबार लगा हुआ है खंड के कई कॉलेजों में छात्र छात्रों को बैठने के लिए बेंच की कमी है लेकिन इस स्कूल में बेंच को इस शौचालय के बाहर सफाई का अंबार लगा हुआ है गिरा हुआ हो विद्यालय के सहायक शिक्षक गिरेन्द्र सिंह भी घोर व्यापारी बरते हैं।
वे स्कूल परिसर में ही बच्चों के सामने खैनी बना रहे हैं खा रहे हैं एक ओर सरकारी छात्र छात्राएँ और शिक्षा व्यवस्था बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही हैं इन्सुलेशन के कारण और छात्रावास के कारण स्कूल का माहौल पूरी तरह से चौपट हो गया है तरह-तरह के शिक्षक बच्चों के भविष्य के साथ-साथ पढ़ाई कर रहे हैं। इस विषय पर पैकेट के लिए पाकी खंड शिक्षा प्रकाशक भगवान साहू ने बताया कि स्कूल परिसर में खैनी खाना या किसी प्रकार का धूम्रपान करना बहुत ही गलत काम है अगर ऐसा होगा तो कारवाई की जाएगी।
वहीं शिक्षक के लापता रहने के विषय में उन्होंने कहा कि जांच के बाद भर्ती पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे 5-5 खंडों का प्रावधान होने के कारण मैं सभी डॉक्युमेंट्स का निरीक्षण सही से नहीं कर पा रहा हूं, जिसके कारण उचित शिक्षक भी शामिल हो रहे हैं।