ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौत पर G-7 देशों की चिंता, तेहरान को सख्त चेतावनी

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DESK: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और उन पर हो रही कार्रवाई को लेकर जी-7 देशों ने गंभीर चिंता जताई है। समूह के विदेश मंत्रियों और यूरोपीय संघ के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने ईरानी सरकार की सख्त आलोचना करते हुए कहा है कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दमनात्मक रवैया जारी रहा, तो तेहरान पर और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

जी-7 में शामिल कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका के विदेश मंत्रियों के साथ यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि ने एक साझा बयान जारी कर ईरान में सरकार विरोधी आंदोलनों की स्थिति पर चिंता जाहिर की है।

संयुक्त बयान में कहा गया है कि बेहतर जीवन, सम्मान और स्वतंत्रता की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे ईरानी नागरिकों के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा की जा रही कठोर कार्रवाई निंदनीय है। बयान के अनुसार यह दमन दिसंबर 2025 के अंत से लगातार जारी है।

जी-7 देशों ने प्रदर्शनकारियों पर हमले, बिना कारण गिरफ्तारी और डर का माहौल बनाने के लिए अपनाए जा रहे तरीकों की भी आलोचना की है। साथ ही ईरानी प्रशासन से अपील की गई है कि वह संयम बरते, हिंसा से दूर रहे और नागरिकों के मानवाधिकारों व मूल स्वतंत्रताओं—जैसे अभिव्यक्ति की आज़ादी, जानकारी तक पहुंच, शांतिपूर्ण विरोध और संगठन बनाने के अधिकार—का सम्मान करे।

कनाडा और जापान के विदेश मंत्रालयों द्वारा जारी अलग-अलग बयानों में कहा गया है कि यदि ईरान अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का उल्लंघन जारी रखता है, तो जी-7 देश उस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने से पीछे नहीं हटेंगे।

गौरतलब है कि ईरान में दिसंबर के अंत से आर्थिक संकट और राष्ट्रीय मुद्रा रियाल के तेजी से गिरते मूल्य को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन आंदोलनों के दौरान हुई झड़पों में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं।

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