भास्कर न्यूज|गिरिडीह/बेंगाब विज्ञापन
.
झारखंड राज्य को-ऑस्ट्रेलियाई बैंक किसानों को स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। जिसमें किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का पहला प्रयास जीरो लोन केसीसी ऋण वितरण योजना है। इसके अलावा अभी और कई प्रयास चल रहे हैं। भारत कृषि प्रधान देश है और यहां की उद्योग कृषि पर ही आधारित है। किसानों को मजबूत बनाना ही सरकार का कर्तव्य है। ये बातें कोपरेटिव बैंक की साक्षी विभा सिंह ने कही। खंडोली में जेरूआधी पैक्स की ओर से शनिवार को केसीसी ऋण वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल किया गया था। इस दौरान 38 किसानों के बीच 42.90 लाख रुपये का केसीसी वितरण किया गया। कंपनी के अध्यक्ष ने कहा कि देश के अमीर लोग कीमती वाहन और दुकानें खरीद सकते हैं, लेकिन अन्न उत्पादन नहीं कर सकते। किसान ही दिन रात सरकार में मेहनत करके अनाज पैदा करके गरीब से अमीर तक लोगों का पेट भरने का काम करते हैं। विचाराधीन अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने सरकार के साथ मिलकर जीरा ब्याज पर ऋण का प्रस्ताव रखा, जो लागू हुआ। जिसका अर्थ है प्रत्यक्ष लाभ किसानों को मिल रहा है। इससे पूर्व किसानों को बैंकों से 7 प्रतिशत ब्याज पर केसीसी कर्ज दिया गया था। कहा कि किसान खेती करें और 364 दिनों में बैंक से कर्ज वापस लें, और फिर खेती से कर्ज वापस प्राप्त करें। 364 दिनों के बाद कर्ज की राशि जमा नहीं होने पर 11 प्रतिशत ब्याज बैंक को देना होगा। केसीसी ऋण वितरण समारोह में बैंक के मुख्य अंकित मूल्य ब्रिजेश नाथ, निदेशक कौशलेंद्र सिंह, सोनाली कुमारी, निशा, सेवा निवृत संयुक्त निबंधक जयदेव सिंह, क्षेत्र प्रबंधक जीतेश कुमार, सेवा निवृत सहयोगी प्रबंधक सुबल राय सहित जिले के 20 से अधिक पैक्स प्रधान मौजूद थे। म्युज़िक पर सन सिन्हा के मैनेजर इसरी बाजार, राकेश सिंह प्रबंधक गिरिडीह, कमेलश दास के मठाधीश बेंक बे मैनेजरंगाबाद आदि लोग मौजूद थे।
समय पर बैंक का कर्ज चुकाया गया: ब्रजेशनाथ झारखंड राज्य को क्रेडिट कार्ड के मुख्य शेयर धारक ब्रिजेश नाथ ने कहा कि मैं पहले 90 करोड़ के क्रेडिट कार्ड में था। लेकिन डेढ वर्ष पूर्व प्रतिमा की कमान संभालते ही विभा सिंह के कुशल नेतृत्व में कोनॉमी बैंक आज 90 लाख के रिकॉर्ड में है। जो नारी शक्ति दुर्गा का रूप है, वह जिसे मन में रखकर बता देती है, वह पूरी छोड़ देती है। इस वित्तीय वर्ष में 100 करोड़ का अधिग्रहण अर्जित करने का लक्ष्य है जो हर हाल में पूरा होगा। उन्होंने किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि समय रहते बैंक का कर्ज चुकाएं और योजना का लाभ लें।