दिल्ली: सोमवार को संसद में वोटर वेरिफिकेशन और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने आयकर (संख्या-2) विधेयक 2025 और कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025 लोकसभा में ध्वनिमत से पारित करा दिए। यह प्रक्रिया बिना किसी बहस के पूरी हुई।
राज्यसभा में भी विधायी कामकाज जारी रहा, जहां गोवा विधानसभा एसटी आरक्षण बिल, दो खेल से जुड़े विधेयक और मणिपुर से जुड़े तीन विधेयक पेश किए गए।
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया—“जब हाउस ऑर्डर में नहीं है तो चर्चा कैसे हो सकती है? यह लोकतंत्र के साथ धोखा है।”
इससे पहले विपक्ष के करीब 300 सांसदों ने वोटर वेरिफिकेशन के खिलाफ संसद से चुनाव आयोग तक मार्च किया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता इसमें शामिल थे। सभी को पुलिस ने हिरासत में लेकर दो घंटे बाद रिहा कर दिया।
आयकर (संख्या-2) विधेयक 2025
- छह दशक पुराने आयकर अधिनियम 1961 को बदलने का उद्देश्य।
- गृह संपत्ति, वेतन और वाणिज्यिक संपत्तियों से जुड़े प्रावधानों में स्पष्टता व निष्पक्षता।
कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025
- एकीकृत पेंशन योजना के अंशधारकों को कर छूट।
- आयकर तलाशी मामलों में बदलाव।
- सऊदी अरब के सार्वजनिक निवेश कोषों को कर लाभ।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि इतने बड़े बदलाव बिना चर्चा के पारित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है। सरकार का कहना है कि नया आयकर बिल आधुनिक, सरल और मौजूदा आर्थिक जरूरतों के अनुरूप कर व्यवस्था लाने का आधार बनेगा।
कुसुम न्यूज़ रिपोर्ट