रामगढ़ के नेमरा गांव में सोमवार का दिन भावनाओं से भरा रहा। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए आम से लेकर खास तक का सैलाब उमड़ पड़ा।
सुबह से ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक आवास के आंगन में लोगों की भीड़ लगी रही। हर कोई ‘गुरुजी’ की तस्वीर के सामने सिर झुकाकर पुष्प अर्पित कर रहा था, मानो उनके संघर्ष और तपस्या को नमन कर रहा हो।
राज्य के मंत्री, सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, गणमान्य लोग और दूर-दराज़ से आए ग्रामीण—सभी की आंखें नम थीं।
लोगों ने कहा—
“अलग झारखंड राज्य का सपना अगर आज हकीकत है, तो उसमें ‘गुरुजी’ का पसीना और त्याग रचा-बसा है।”
उन्होंने अपना जीवन आदिवासी, गरीब, दलित और वंचितों की आवाज़ उठाने में समर्पित कर दिया।
भीड़ में मौजूद एक बुजुर्ग की आवाज़ गूंजी—
“गुरुजी सिर्फ झारखंड के नहीं, पूरे देश के जननायक थे… रहेंगे।”
वातावरण में भावुकता के साथ-साथ गर्व भी था—गर्व उस नेता पर, जिसने अपनी आखिरी सांस तक झारखंडवासियों के हक और हक़ीक़त के लिए संघर्ष किया।
📌 कुसुम न्यूज़ की ओर से ‘गुरुजी’ को श्रद्धांजलि और भावपूर्ण नमन।