44 साल बाद महिला हॉकी में भारत का गोल्ड, सिमडेगा की 3 बेटियों ने रचा इतिहास

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झारखंड की बेटियों ने एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने चीन को एक-शून्य से हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।

इस शानदार जीत में झारखंड के सिमडेगा जिले की तीन बेटियों की भी अहम भूमिका रही। भारतीय टीम की कप्तान सलीमा टेटे, स्टार स्ट्राइकर ब्यूटी डुंगडुंग और फॉरवर्ड दीपिका सोरेंग ने भारतीय टीम के स्वर्णिम अभियान में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

भारतीय महिला हॉकी टीम की इस ऐतिहासिक जीत के बाद सिमडेगा में खुशी की लहर दौड़ गई। हॉकी खिलाड़ियों, खेलप्रेमियों और प्रशिक्षण केंद्रों से जुड़े लोगों ने जश्न मनाकर अपनी खुशी जाहिर की। राष्ट्रीय ध्वज के साथ खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच खेला गया फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। भारतीय खिलाड़ी लालरेमसियामी ने दसवें मिनट में गोल दागकर भारत को बढ़त दिलाई। इसके बाद चीन की टीम ने बराबरी करने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते हुए विरोधी टीम के हर हमले का मजबूती से सामना किया।

वहीं, भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने चीन के पेनल्टी स्ट्रोक को रोककर भारत की बढ़त बरकरार रखी। आखिरकार भारतीय टीम ने एक-शून्य से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालिफाई कर लिया है।

इधर, सिमडेगा की तीनों बेटियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जिले की उपायुक्त कंचन सिंह ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सलीमा टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और संघर्ष के दम पर न केवल भारतीय महिला हॉकी टीम, बल्कि पूरे सिमडेगा जिले का गौरव बढ़ाया है।

उपायुक्त ने कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में हॉकी का अभ्यास कर रही बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। सीमित संसाधनों के बावजूद सिमडेगा की बेटियां लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।

गौरतलब है कि सिमडेगा लंबे समय से भारतीय हॉकी को प्रतिभाशाली खिलाड़ी देने के लिए जाना जाता है। यहां की बेटियों की मेहनत और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का हौसला दे रही हैं।

फिलहाल, भारतीय महिला हॉकी टीम की इस ऐतिहासिक जीत ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। वहीं, सिमडेगा की तीन बेटियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से एक बार फिर साबित कर दिया है कि झारखंड की बेटियों में इतिहास रचने का जज्बा और जुनून दोनों मौजूद हैं।

कुसुम न्यूज़ से सुंदर कुमार की खबर

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