परिवार नियोजन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को सदर अस्पताल में सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट सेवा की शुरुआत की गई। सेवा शुरू होने के पहले दिन कुल 10 लाभार्थियों को यह सेवा प्रदान की गई।
इस सेवा के सुचारु संचालन एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की क्षमता वृद्धि के उद्देश्य से सदर अस्पताल में 28 एवं 29 सितंबर 2026 को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में सदर अस्पताल के कुल 12 चिकित्सा पदाधिकारियों (प्रोवाइडर्स) ने भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. रेखा कुमारी एवं डॉ. संध्या कुमारी ने मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रतिभागियों को सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
सिविल सर्जन ने बताया कि सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट महिलाओं के लिए एक प्रभावी एवं दीर्घकालिक गर्भनिरोधक विधि है, जिसकी प्रभावशीलता तीन वर्षों तक रहती है। इसे लाभार्थी के बाएं हाथ की ऊपरी भुजा में लगाया जाता है। यह महिलाओं को परिवार नियोजन के लिए एक सुविधाजनक एवं दीर्घकालिक विकल्प उपलब्ध कराता है। जिले में परिवार नियोजन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने तथा अधिक से अधिक महिलाओं तक गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह सेवा शुरू की गई है। यह सेवा सदर अस्पताल एवं एसएनएमएमसीएच में उपलब्ध कराई जा रही है।
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पीएसआइ इंडिया के सहयोग से आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार, डॉ. रेखा कुमारी, डॉ. संध्या कुमारी, सदर अस्पताल के 12 चिकित्सा पदाधिकारी एवं पीएसआइ इंडिया के जिला प्रतिनिधि प्रेम कुमार उपस्थित रहे।