हाथियों के गांव में पहुंचने की सूचना पर जिप सदस्य स्वाति चौधरी मौके पर पहुंचीं और अधिकारियों को जानकारी दी। पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत दिलाने के साथ मुआवजे के लिए अधिकारियों से बातचीत की गई है।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि हाथियों के आने के वक्त घर में गर्भवती महिला भी मौजूद थी, जो समय रहते बाहर निकलने में सक्षम नहीं थी। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
वहीं जिप सदस्य ने प्रशासन और डीएफओ की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है।
कुसुम न्यूज़ से सुंदर कुमार की रिपोर्ट