विश्व ओजोन दिवस पर पौधरोपण से शुरू हुआ दिनभर का कार्यक्रम

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धनबाद, 16 सितंबर: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में विश्व ओजोन दिवस 2026 के मौके पर आयोजित दिनभर का कार्यक्रम बुधवार को शताब्दी पार्क में पौधरोपण के साथ शुरू हुआ। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। संस्थान के हॉर्टिकल्चर सेक्शन की ओर से आयोजित पौधरोपण अभियान में रजिस्ट्रार प्रबोध पांडे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। हॉर्टिकल्चर ऑफिसर धीरज कुमार भी इस दौरान मौजूद रहे।

पौधरोपण कार्यक्रम में पर्यावरण विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख और ईआईएसीपी सेंटर के कोऑर्डिनेटर प्रो. आलोक सिन्हा, विभाग के प्रोफेसर (एचएजी) प्रो. सुनील कुमार गुप्ता और विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर व ईआईएसीपी सेंटर के को-कोऑर्डिनेटर प्रो. सुरेश पांडियन भी उपस्थित रहे।

इसके बाद पर्यावरण विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के ईआईएसीपी प्रोग्राम सेंटर की ओर से दिनभर के कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC), भारत सरकार के तहत “ग्लोबल एक्शन फॉर अ कूलर प्लैनेट” थीम पर आयोजित हुआ। इसमें आईआईटी (आईएसएम) के यूजी और पीजी छात्रों के अलावा धनबाद के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें एसएसएलएनटी महिला महाविद्यालय, आरएस मोर कॉलेज, पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज और बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय समेत अन्य संस्थानों के छात्र शामिल थे।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने ओजोन परत की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को लेकर जागरूकता तभी प्रभावी होगी, जब उसे व्यवहार में उतारा जाए।

प्रो. सुरेश पांडियन ने “ग्लोबल एक्शन फॉर अ कूलर प्लैनेट” विषय पर की-नोट लेक्चर दिया। उन्होंने ओजोन परत की सुरक्षा, मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल और किगाली अमेंडमेंट जैसे वैश्विक समझौतों के महत्व के साथ ओजोन क्षरण और जलवायु परिवर्तन के बीच संबंधों पर जानकारी दी।

छात्रों के लिए ओजोन डे क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें ओजोन परत, ओजोन को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों, मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल और किगाली अमेंडमेंट से जुड़े सवाल शामिल थे। इसके अलावा पीपीटी प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण और क्लाइमेट एक्शन से जुड़े अपने विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने मिशन LiFE (लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) की शपथ ली। उन्होंने पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने और रोजमर्रा की जिंदगी में टिकाऊ आदतों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

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