उपायुक्त, एसएसपी व डीडीसी ने किया

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सदर अस्पताल में पार्किंग शेड सहित नवनिर्मित जन-सुविधाओं का उद्घाटन

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार तथा उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज ने आज संयुक्त रूप से सदर अस्पताल परिसर में कार व बाइक पार्किंग शेड, आरबीएसके, मॉड्यूलर आयुष्मान वार्ड, ओपीडी तथा सिविल सर्जन कार्यालय के नवनिर्मित सभागार का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार प्रयत्नशील है। जिसके परिणाम स्वरूप धनबाद सदर अस्पताल की व्यवस्था अब राज्य के अव्वल सदर अस्पतालों की गिनती में आती है। सदर अस्पताल को इस ऊंचाई तक पहुंचाने में माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन एवं माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी का भरपूर सहयोग मिला है।

उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के वाहनों को व्यवस्थित रखने के लिए एक सुरक्षित पार्किंग शेड का निर्माण किया गया है। मॉड्यूलर आयुष्मान वार्ड आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस है। यह वार्ड आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण इलाज प्रदान करेगा। जबकि पुनर्निर्मित ओपीडी परिसर में मरीजों को सुगम इलाज मिलेगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी सरल बनी है। कहा कि आयुष्मान वार्ड की व्यवस्था और मरीजों के चेहरे पर संतुष्टि देखकर सदर अस्पताल की पूरी टीम बधाई की पात्र है। टीम निस्वार्थ भाव से उत्कृष्ट काम कर रही है।

वहीं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) का उद्घाटन करने के बाद उपायुक्त ने कहा कि जिले के 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की त्वरित पहचान और इलाज के लिए 11 अगस्त से 22 अगस्त तक विशेष कैंप का आयोजन किया गया है। जिसमें बच्चे, चाहे किसी भी बीमारी से ग्रसित होंगे और उनकी कितनी भी बड़ी सर्जरी करानी होगी, उसे निःशुल्क किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अब तक जिले में 700 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है। जिला प्रशासन सभी बच्चों की सर्जरी सदर अस्पताल में करेगा। इससे लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा बढ़ेगा और व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।

उपायुक्त ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि उनके आसपास यदि 18 वर्ष से कम उम्र के वैसे कोई भी बच्चे हो, जो जन्म से ही विभिन्न बीमारी से ग्रसित है, उसकी सूचना जिला प्रशासन को जरूर दें। जिला प्रशासन हर बच्चे का इलाज कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन को एक बार इलाज का मौका दें। किसी को निराशा नहीं होगी। प्रशासन द्वारा सबसे उत्कृष्ट सेवा दी जाएगी।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सदर अस्पताल को जिले का सबसे आधुनिक और सुलभ चिकित्सा केंद्र बनाना है। इन नई सुविधाओं के शुरू होने से न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

समारोह में सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार प्रसाद, डीपीएम श्रीमती प्रतिमा कुमारी, डीपीसी श्रीमती रेखा सिंह सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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