शत प्रतिशत बच्चों को शिक्षित करना स्कूल रूआर का उद्देश्य – उपायुक्त

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जिले के 5 से 18 वर्ष के शत प्रतिशत बच्चों को शिक्षित करना, विद्यालयों में उनकी शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा न्यूनतम ड्रॉपआउट स्कूल रूआर 2026 का उद्देश्य है। स्कूलों में छात्रों की कम उपस्थिति और ड्रॉप आउट चिंतनीय है। इसमें जागरूकता लाने के लिए स्कूल प्रबंधन, प्रधानाचार्य, माननीय जनप्रतिनिधि तथा अभिभावकों का योगदान तथा भागीदारी महत्वपूर्ण है।

यह बातें उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन ने आज न्यू टाउन हॉल में झारखण्ड शिक्षा परियोजना, धनबाद द्वारा स्कूल रूआर 2026 के अंतर्गत “कोई बच्चा छूटे नहीं – हर बच्चा स्कूल से जुड़े” थीम पर आयोजित जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में कही।

उपायुक्त ने कहा कि इसे प्रभावी बनाने के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राइमरी स्कूल, मिडिल स्कूल और हाई स्कूल से टैग किया जाएगा। शिक्षकों को उनके टोला से टैग किया जाएगा। किसी स्कूल में बच्चा यदि 3 दिन से अधिक अनुपस्थित रहेगा तो शिक्षक उसके घर जाएंगे।‌

साथ में कहा कि सभी आंगनबाड़ी सेविका का दायित्व है कि उनके यहां 5 वर्ष से अधिक बच्चे का नामांकन निकटतम प्राइमरी स्कूल में कराएं। कहा कि जिस पंचायत में शत प्रतिशत बच्चों का नामांकन प्राइमरी, मिडिल या हाई स्कूल में हो जाएगा उस पंचायत के मुखिया को जिला स्तरीय सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि जागरुकता से विद्यालयों में नामांकन की संख्या बढ़ी है। इसके बाद भी कई बच्चे नामांकन से छुटे हुए हैं। शत प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के लिए वार्ड सदस्य से लेकर माननीय सांसद एवं सभी जनप्रतिनिधियों का सहयोग लें। नामांकन के बाद छात्रों की ई-विद्या वाहिनी में नियमित उपस्थिति दर्ज करें।

उपायुक्त ने जिले के 5 से 18 वर्ष के शत प्रतिशत बच्चों का विद्यालय में नामांकन, उपस्थित और ड्रॉप आउट कम करने के लिए सभी को पूरी निष्ठा और गंभीरता से अपने कर्तव्य का पालन करने का अनुरोध किया। साथ ही घर – घर एवं जन – जन तक यह संदेश पहुंचाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा यह कार्यक्रम मुख्य रूप से ड्रॉपआउट बच्चों को वापस स्कूल से जोड़ने का एक अभियान है। इसका उद्देश्य विशेष नामांकन अभियान, शिक्षा मेलों और बाल संवादों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में पुन: शामिल करना है।

कार्यक्रम में धनबाद के माननीय विधायक श्री राज सिन्हा ने कहा कि शत प्रतिशत बच्चों के नामांकन के लिए जनप्रतिनिधि भी सहयोग करेंगे। अभिभावकों से मिलेंगे। सबके संयुक्त प्रयास से शत प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

जिला परिषद की माननीय अध्यक्ष श्रीमती शारदा सिंह ने कहा कि शिक्षा ही वह चाबी है जो भविष्य का दरवाजा खोल सकती है। उन्होंने सभी मुखिया को अपने पंचायत के हर घर पर पहुंच कर, अभिभावकों से मिलकर, बच्चों का नामांकन कराने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया।

समारोह में धनबाद के माननीय महापौर श्री संजीव सिंह ने सुझाव दिया कि जिले के सभी सरकारी स्कूलों को बच्चों के आकर्षण का केंद्र बनाना चाहिए।

इससे पहले जिला शिक्षा अधीक्षक श्री आयुष कुमार ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय में जिले में शत प्रतिशत नमांकन का लक्ष्य हासिल किया है। वहीं 2030 तक माध्यमिक में भी शत प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य प्राप्त करना है।

जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय महापौर, जिला परिषद की माननीय अध्यक्ष, धनबाद के माननीय विधायक, उपायुक्त, उप विकास आयुक्त तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उपायुक्त को पौधा प्रदान कर स्वागत किया।

कार्यक्रम में उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज, माननीय महापौर श्री संजीव सिंह, जिला परिषद की माननीय अध्यक्ष श्रीमती शारदा सिंह, धनबाद के माननीय विधायक श्री राज सिन्हा, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री आयुष कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री अभिषेक झा, श्री अशोक कुमार पांडेय, श्री आशीष कुमार, श्रीमती मितूविभिन्न प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, बीआरपी, सीआरपी सहित शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

कुसुम न्यूज़ से कुमार की रिपोर्ट

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