धनबाद: शहर के बस पड़ाव में सार्वजनिक उपयोग के लिए लगाए गए वाटर एटीएम का वीआईपी सैलून में तब्दील होना नगर निगम की लापरवाही और सार्वजनिक सुविधाओं के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण बन गया है। आम जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित यह वाटर एटीएम अब निजी लाभ का साधन बन चुका है, जिससे स्थानीय लोग आक्रोशित हैं।
स्थानीय फुटपाथ दुकानदार नेता राम नाथ सिंह ने इस मामले की शिकायत नगर आयुक्त से की है। हालांकि, नगर निगम की ओर से अभी तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह स्थिति नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
राम नाथ सिंह ने कहा, “यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों के दुरुपयोग का मामला है। ऐसे मामलों में नगर निगम की जिम्मेदारी बनती है कि वह तुरंत कार्रवाई करे और दोषियों को सजा दे।”
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सार्वजनिक सुविधाओं का इस तरह निजी उपयोग में बदल जाना नगर निगम और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। इस घटना ने जनता में असंतोष पैदा कर दिया है और नगर निगम की छवि पर भी सवाल खड़े किए हैं।
अब देखना होगा कि नगर निगम इस मामले पर क्या कदम उठाता है। क्या इस अवैध वीआईपी सैलून को बंद कर पब्लिक एटीएम को उसके असली उद्देश्य के लिए बहाल किया जाएगा?
जनता इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।