सुरक्षा, बाउंड्री निर्माण, मॉड्यूलर ओटी और आधुनिक आईसीयू को लेकर दिए कड़े निर्देश
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, निर्माणाधीन बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सदर अस्पताल परिसर की बाउंड्री वॉल का निर्माण शीघ्र पूरा करने का निर्देश
उपायुक्त ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल के ऊपरी तल के निर्माण और परिसर की बाउंड्री को लेकर योजना स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि बाउंड्री नहीं होने के कारण पूर्व में परिसर से उपकरणों और सामानों की चोरी की घटनाएं सामने आई हैं, साथ ही सुरक्षा को लेकर भी आशंका बनी रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों को भयमुक्त व सुरक्षित वातावरण प्रदान करने तथा करोड़ों रुपये के सरकारी उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य चल रहा है जिसे तत्काल पूरा कराया जाएगा।
परिसर की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण और चारदीवारी के दायरे में आने वाले निर्माणों पर बोलते हुए उपायुक्त ने कहा कि सरकारी जमीन पर जनहित का अधिकार सबसे पहले है। जहां कुछ व्यक्तियों द्वारा जमीन का उपयोग किया जा रहा है, वहीं चारदीवारी और अस्पताल के विस्तार से जिले के हजारों-लाखों मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत नोटिस की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और अस्पताल निर्माण में आने वाली किसी भी बाधा को जनहित में हटाया जाएगा।
मॉड्यूलर ओटी और इंटीग्रेटेड आईसीयू का कार्य प्रगति पर
उपायुक्त ने अस्पताल में बन रहे स्टेट-ऑफ-द-आर्ट मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (OT) और इंटीग्रेटेड आईसीयू (ICU) के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि मॉड्यूलर ओटी का कार्य अंतिम चरण में है और अगले 10 से 15 दिनों में इसे हैंडओवर कर दिया जाएगा, जिससे बाधित ऑपरेशनों को जल्द सुचारू किया जा सके। अत्याधुनिक आईसीयू का कार्य भी आगामी एक सप्ताह में शुरू होने की संभावना है।
इस दौरान एएनएम स्कूल ऑफ ट्रेनिंग का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने पानी की व्यवस्था, बोरिंग कराने और कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाने जैसी मांगें रखीं। इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए इन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें। साथ ही, प्रिंसिपल कक्ष की छत की मरम्मत का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया। कुछ महीने पहले ही छत का निर्माण कराया गया था, लेकिन इसके बाद से वहां पानी टपकने जैसी समस्याएं सामने आ रही थीं। इस पर संबंधित ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द सुधार कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने संवेदक एवं संबंधित पदाधिकारियों को सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से और तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए, ताकि आम जनता को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
मौके पर उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज, सिविल सर्जन डॉ संजीव कुमार समेत अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।