कांग्रेस-जेएमएम पर साधा निशाना, बोले— “दर्द भी वही देंगे और दवा देने का ड्रामा भी वही करेंगे, यह नहीं चलेगा”
धनबाद: बारामुड़ी में अतिक्रमण की कार्रवाई और घर उजड़ने की आशंका से परेशान लोगों के बीच सोमवार को धनबाद के विधायक राज सिन्हा पहुंचे। उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि इस मामले में वह धनबाद के उपायुक्त (डीसी) से मुलाकात कर उनकी बात रखेंगे। विधायक के पहुंचने से अपने आशियाने को बचाने की उम्मीद लगाए लोगों को राहत की आस जगी।
इस दौरान विधायक राज सिन्हा ने कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) पर निशाना साधते हुए कहा कि गठबंधन सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों की समस्याओं का समाधान करे, लेकिन सरकार में शामिल दल ही आंदोलन की बात कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “जेएमएम और कांग्रेस सिर्फ लोगों की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं। सरकार आपकी है, मंत्री आपके हैं और कार्रवाई भी आप ही कर रहे हैं। लोगों के घर उजाड़ने की कार्रवाई के बीच आंदोलन करने की बात कहना समझ से परे है। सांसद पप्पू यादव को बिहार से बुलाकर लोगों को सिर्फ बेवकूफ बनाया जा रहा है और भाजपा पर दोषारोपण किया जा रहा है।”
राज सिन्हा ने कहा, “दर्द भी आप ही देंगे और दवा देने का ड्रामा भी आप ही करेंगे, यह नहीं चलेगा। जनता बेवकूफ नहीं है और सब कुछ समझ रही है।” उन्होंने प्रभावित परिवारों की समस्या को गंभीर बताते हुए उपायुक्त से बातचीत कर समाधान निकालने का भरोसा दिया।
‘हम कहां जाएंगे, हमारा आशियाना मत उजाड़िए’
वहीं, स्थानीय निवासी सर्जनिया देवी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि एक उपायुक्त ने उन्हें यहां बसाया था और अब कार्रवाई के कारण उनके सामने उजड़ने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा, “हम अपने मवेशियों को लेकर कहां जाएंगे? न हमारे पास नौकरी है और न ही कोई व्यापार। हम चाहते हैं कि हमें यहां रहने दिया जाए और हमारा आशियाना नहीं उजाड़ा जाए।”
सर्जनिया देवी ने बताया कि विधायक राज सिन्हा उनसे मिलने पहुंचे थे। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह उपायुक्त से बात करेंगे और लोगों के घरों को उजड़ने से बचाने का प्रयास करेंगे।
बारामुड़ी में अतिक्रमण की कार्रवाई को लेकर प्रभावित परिवारों के बीच चिंता बनी हुई है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम और विधायक की उपायुक्त से होने वाली बातचीत पर टिकी हैं।