महिषासुर वध नाटक की प्रस्तुति ने मोहा मन, दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा और उत्साह ने जीता सबका दिल
धनबाद: शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर नारायणी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित पहला कदम विशेष दिव्यांग स्कूल, जगजीवन नगर, सरायढेला में शुक्रवार को डांडिया महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। भक्ति, उल्लास और उमंग से सराबोर इस कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि धनबाद विधायक राज सिन्हा ने बच्चों के साथ डांडिया खेलकर उनका उत्साह बढ़ाया। विधायक को अपने बीच पाकर बच्चे खुशी से झूम उठे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस दौरान बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की गई। इसके बाद रंगारंग डांडिया महोत्सव शुरू हुआ। पूरे विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। भक्तिमय गीतों और उत्सवी माहौल के बीच बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
महिषासुर वध नाटक ने दिया बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
महोत्सव का प्रमुख आकर्षण महिषासुर वध पर आधारित नाटक रहा। बच्चों ने अपने अभिनय के माध्यम से मां दुर्गा की शक्ति और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। उनकी शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और उत्साह की सभी ने सराहना की।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में मनोज मलावर, पंख एक नई दिशा की अध्यक्ष पिंकी गुप्ता, शशि शेखर गुप्ता, रेखा देवी तथा रोटी बैंक के अध्यक्ष रवि शेखर उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उनके साथ उत्सव की खुशियां साझा कीं।
समान अवसर देना ही पहला कदम का उद्देश्य : अनीता अग्रवाल
पहला कदम की सचिव अनीता अग्रवाल ने कहा कि संस्था का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में समान अवसर प्रदान करना है। ऐसे आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और उनकी खुशियां ही संस्था की सबसे बड़ी उपलब्धि हैं।
इस अवसर पर विद्यालय की सुपरवाइजर कौशल अग्रवाल सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं और अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद बच्चों ने मिठाई और इडली का आनंद लिया। मां दुर्गा के जयकारों और हर्षोल्लास के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ।
डांडिया महोत्सव ने न केवल बच्चों के जीवन में खुशियों के रंग भरे, बल्कि समाज को समावेशिता, समान अवसर और दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को सम्मान देने का प्रेरक संदेश भी दिया।