रेलवे ऑडिटोरियम में गूंजा नृत्य-संगीत का सुर, बच्चों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक
धनबाद: रेलवे ऑडिटोरियम में अनुभूति एक एहसास द्वारा ‘नृत्यांगना ‘ऑल इंडिया डांस, सिंगिंग एवं इंस्ट्रूमेंट कंपटीशन फेस्टिवल का आयोजन किया गया। पूर्व मध्य रेलवे, महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष प्रिया मिश्रा, उपाध्यक्ष मृणालिनी व अल्पना झा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं अनुभूति एक एहसास के संरक्षक वैभव सिन्हा, डॉ प्रियंका प्रियदर्शी,संतोष रजक तथा अनुभूति एक एहसास की महासचिव सरसी चंद्रा ने अनुभूति एक एहसास द्वारा नृत्यांगना कार्यक्रम का उद्घाटन व नृत्यांगन कथक केंद्र के शुभारंभ पर संयुक्त रूप से किया।इस अवसर पर सभी अतिथियों को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर अनुभूति एक एहसास की महासचिव सरसी चंद्रा और उनकी छात्रा कथक केंद्र की संचालिका डॉक्टर प्रियंका प्रियदर्शी ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को ऐसा मंच और वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य, गायन एवं वादन का प्रशिक्षण लेकर उसे आत्मसात कर सकें। साथ ही स्थानीय बच्चों में छिपी प्रतिभाओं को निखारते हुए उन्हें निरंतर मंच प्रदान करना है, ताकि उनमें आत्मविश्वास विकसित हो और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
फेस्टिवल के दौरान स्थानीय कलाकारों ने एक से बढ़कर एक नृत्य, गायन एवं वादन की प्रस्तुतियां दीं। साथ ही ड्राइंग कंपटीशन में एक से बढ़कर एक चित्रकारी उकेरी। सरसी चंद्रा के मार्गदर्शन में कलाकारों की प्रस्तुतियों में शास्त्रीय नृत्य एवं गायन का शानदार प्रशिक्षण और परिपक्वता देखने को मिली। दर्शकों और अभिभावकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। धनबाद की जानी-मानी कथक नृत्यांगना श्रुति चंद्रा ने बहुत ही मनमोहक कथक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीता। कुशन सेनगुप्ता ने बहुत ही कर्णप्रिय व मधुर गायन प्रस्तुत कर दर्शकों की तालियां बटोरी।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडली में सिमरन छाबड़ा , शाश्वती सेन , संचिता बख्शी, संजय मजूमदार श्रीधर सर ने विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं की घोषणा की। विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया।अनुभूति एक एहसास की सरसी चंद्र जो डॉ. प्रियंका प्रियदर्शी की गुरु है दोनों के संयुक्त तत्वाधान में यह सांस्कृतिक कार्यक्रम बहुत शानदार एवं सराहनीय रहा।
अनुभूति एक एहसास की महासचिव सरसी चंद्र की छात्रा डॉ. प्रियंका प्रियदर्शी ने बताया की नृत्यांगन कथक केंद्र संचालित कर शास्त्रीय कला के प्रशिक्षु कलाकारों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाशाली कलाकारों को नियमित प्रशिक्षण और बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।