छह बच्चों को व्हीलचेयर, तीन को हियरिंग एड और एक को मिली बैसाखी
धनबाद। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में धनबाद में आयोजित लोक अदालत में न्याय के साथ संवेदनशीलता की मिसाल भी देखने को मिली। कार्यक्रम में जिला प्रशासन, पुलिस एवं न्यायिक व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की मौजूदगी में दिव्यांग बच्चों को आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए गए।
लोक अदालत के दौरान पहला कदम स्कूल के छह दिव्यांग बच्चों को व्हीलचेयर, तीन बच्चों को हियरिंग एड तथा एक बच्चे को बैसाखी प्रदान की गई। इन उपकरणों से बच्चों को दैनिक जीवन में अधिक आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपनी गतिविधियों में बेहतर ढंग से भाग लेने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में धनबाद के उपायुक्त , वरीय पुलिस अधीक्षक सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पहला कदम स्कूल की ओर से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा, थेरेपी, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास के लिए शिक्षा के साथ आवश्यक चिकित्सा एवं सहायक संसाधन उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है।
झालसा की लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सरल, सुलभ और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना तथा जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करना है। वहीं, लोक अदालत के दौरान दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाने से कार्यक्रम का मानवीय पक्ष भी सामने आया। इससे बच्चों और उनके परिवारों को राहत के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का संबल मिला।