Breaking News

बलियापुर के स्कूल में 63 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क मिली ‘वर्ण परिचय’ किताब

Share This News

आज दिनांक 31 अगस्त को बलियापुर डाँगा पाड़ा उच्च विद्यालय में “झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति” की ओर से छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ‘वर्ण परिचय’ किताब दिया गया। जिसमें क्लास VII-16, V-13, VI-12, VIII-22 कुल 63 बच्चों को किताब दिया गया और बच्चों ने 5 सितंबर से अपनी क्लास में मातृभाषा बांग्ला में अभिभावक तथा बच्चों ने खुशी-खुशी पठन-पाठन में रुचि दिखाये।
संस्थापक बेंगू ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे के साथ-साथ बच्चे की माता का ज्यादा आग्रह है क्योंकि जो गाँव के हालात हैं, आज से तीस वर्ष पहले हर घर बांग्ला बेनीमाधव पंजिका रहता था, हर घर बांग्ला का पढ़ाई होता था। विशेषकर अलग राज्य गठन के बाद सभी राजनीतिक दल मिलकर सबसे पहले बांग्ला भाषा को समाप्त किया। अब धीरे-धीरे बंग समाज मातृभाषा का महत्व को समझ रहे हैं। बंग भाषियों को बांग्ला पंजिका और के सभी भाषा के लोगों का जरूरत है क्योंकि पुजा-पाठ, साधि-विवाह बांग्ला पंजिका से होते आ रहा है। सिर्फ राजनीति करने वालों को दिक्कत है क्योंकि जिस दिन झारखंड में बंग समाज जाग जायेगा उस दिन झारखंड में बहुत बड़ा क्रांति होगा। आज अगर झारखंड के गाँव के लोग ना जागे तो झारखंड लुप्त खंड बन जायेगा।
आज के कार्यक्रम में मुकुल चक्र, रविदास, साधन चटर्जी, स्वपन महतो, परितोष घोषाल, नारान चक्र, पाल, लालजीत गोरा, भगीरथ प्रमाणिक, गोविंद ठाकुर आदि।

Leave a comment